बॉलीवुड अभिनेता कादर खान ने 44 साल तक अपनी एक्टिंग से लोगों को कभी हंसाया तो कभी रुलाया। दर्शकों ने उन्हें हर किरदार में पसंद किया। इतना ही नहीं उन्होंने बॉलीवुड की सैकड़ों फिल्मों में काम किया। लेकिन 2018 में लंबी बीमारी के बाद कादर खान ने दुनिया को अलविदा कह दिया। आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अदाकारी आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। उन्होंने साल 1973 में फिल्म दाग से फिल्मी करियर की शुरूआत की थी। बॉलीवुड में 4 दशकों से ज्यादा काम कर चुके कादर खान की जिंदगी से जुड़े कई किस्से लोगों को आज भी हैरान कर देते हैं। आज अपको भी हम उनकी जिंदगी से जुड़े ऐसे किस्से के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे शायद ही पहले कभी सुना होगा। दरअसल, कादर खान बचपन के दिनों में अक्सर कब्रिस्तान जाया करते थे। जानिए क्या थी वह वजह जो कादर को कब्रिस्तान ले जाया करती थी।
Kader Khan Birthday: बचपन में देर रात कब्रिस्तान जाया करते थे कादर खान, ये थी वजह
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कब्रिस्तान जाने की ये थी वजह
दरअसल, मुंबई में कादर के घर के पास ही कब्रिस्तान था। कादर खान की मां उन्हें पढ़ने के लिए मस्जिद भेजा करती थीं लेकिन वह मस्जिद से भागकर कब्रिस्तान चले जाते थे। वह रोज रात को इस कब्रिस्तान में नियम से पहुंच जाया करते थे। यहां वह जो भी दिनभर पढ़ाई किया करते, उसे शांति में रियाज किया करते थे। यहां वह अपनी कॉपी किताब के साथ पढ़ाई करते थे।
कब्रिस्तान में मिला एक्टिंग का गुरु
एक बार जब कादर कब्रिस्तान में पढ़ रहे थे, तो रात में अचानक उनके चेहरे पर किसी ने टॉर्च की लाइट मारी। हाथ में टॉर्च लिए आदमी ने कादर से पूछा कि क्या कर रहे हो? तो कादर ने जवाब दिया कि मैं यहां रियाज करता हूं। टॉर्च हाथ में लिए अशरफ खान, कादर से बेहद प्रभावित हुए और उन्हें नाटकों में काम करने की सलाह दी। जिसके बाद कादर ने एक्टिंग में अपना पहला कदम रखा।
साल 1977 में जब फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' में कादर खान का एक अहम सीन था, जो कि उनकी जिंदगी से ही जुड़ा था। फिल्म में जब बच्चा कब्रिस्तान में जाकर रोता है और उसकी मुलाकात एक फकीर से होती है। हालांकि ये बात एक इंटरव्यू में बाद में पता चली कि ये किस्सा उनके खुद के जीवन से जुड़ा था।
कादर खान ही वह शख्स हैं जिन्होंने अपने डायलॉग से अमिताभ को एंग्री यंगमैन बनाया। अमिताभ बच्चन और जितेंद्र जैसे बड़े अभिनेताओं को स्थापित करने में कादर खान का अहम योगदान रहा है। उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में काम किया और 200 फिल्मों के लिए स्क्रीन प्ले लिखा।