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भीड़ हिंसा मामले में दो गुटों में बंटा बॉलीवुड, अब कंगना समेत 61 सेलिब्रिटीज ने पीएम को लिखी चिट्ठी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Fri, 26 Jul 2019 01:08 PM IST
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kangana
- फोटो : social media
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भीड़ हिंसा के लगातार बढ़ते मामले के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई बड़े नाम सामने आए और पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में 49 सेलेब्रिटीज के नाम शामिल थे जिन्होंने पीएम से भीड़ हिंसा को रोकने की अपील की। अब इन 49 लोगों की चिट्ठी के जवाब में कंगना रनौत समेत 61 सेलिब्रिटीज ने खुला खत लिखा है।
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prasoon joshi
- फोटो : file photo
चिट्ठी लिखने वालों में अभिनेत्री कंगना रनौत, गीतकार प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर और सांसद सोनल मानसिंह, वादक पंडित विश्व मोहन भट्ट, फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर और विवेक अग्निहोत्री शामिल हैं। खुला खत में लिखा है कि देश के 49 तथाकथित बुद्धिजीवियों ने एक बार फिर से चुनिंदा मामलों की ही आलोचना की है जो कि यह दर्शाता है कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के चलते उन्होंने ऐसा किया।
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kangana ranaut
- फोटो : social media
साथ ही चिट्ठी में पूछा गया है कि जब आदिवासी और हाशिए पर मौजूद लोगों को नक्सलियों द्वारा निशाना बनाया जाता है तब सेलिब्रिटी चुप क्यों रहते हैं। इससे पहले देश के अलग-अलग क्षेत्रों की 49 बड़ी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखकर यह अपील की थी कि मुस्लिमों, दलितों और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ भीड़ हिंसा तत्काल प्रभाव से रुकनी चाहिए। लोकतंत्र में असहमति की भी जगह होती है।
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anurag kashyap
इसमें कहा गया कि साल 2009 से अक्टूबर 2018 तक धर्म के नाम पर नफरत पैदा करने वाली 254 घटनाएं हो चुकी हैं । वहीं साल 2016 में 840 क्राइम की घटनाएं सिर्फ दलितों के साथ रिपोर्ट की गई हैं। चिट्ठी लिखने वालों में श्याम बेनेगल, अनुराग कश्यप, बिनायक सेन, सौमित्र चटर्जी, कोंकणा सेन शर्मा, शुभा मुद्गल, अनुपम रॉय जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
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shubha mudgal
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इस बारे में शुभा मुद्गल ने कहा कि वो हमेशा से ही भीड़ हिंसा के खिलाफ रही हैं । वहीं बंगाली एक्टर रिद्धी सेन ने कहा, 'सांप्रादायिक हिंसा बढ़ती जा रही है और इससे डर फैल रहा है इसलिए हमने पीएम मोदी से अपील की है कि भारत हर धर्म, जाति की भिन्नता को मानने वाला है। हमारे संविधान में 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द का मूल्य खत्म नहीं होना चाहिए।'
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