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विवाद: कंगना रणौत की बढ़ी मुश्किलें, एनसीपी नेता ने कोर्ट में दर्ज कराई शिकायत
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रतिभा सारस्वत
Updated Wed, 24 Nov 2021 08:47 PM IST
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कंगना रणौत
- फोटो : सोशल मीडिया
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आजादी वाले बयान के बाद से ही कंगना रणौत की मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है। कंगना के बयान का पूरे देश में विरोध लगातार हो रहा है। साथ ही अलग अलग राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अल्पसंख्यक शाखा के महासचिव युसूफ परमार ने भारतीय स्वतंत्रता सैनिकों के बारे में दिए बयानों को लेकर कंगना की बोरीवली में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही एक्ट्रेस पर देशद्रोह, जानबूझकर अपमान, शांति भंग करने का मुकदमा चलाने की मांग की है।
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कंगना रणौत
- फोटो : Instagram
युसूफ परमार के मुताबिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों से पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बाद से ही कंगना रणौत ने सोशल मीडिया के साथ-साथ टेलीविजन शो पर भी लगाता निराधार बयान दिए हैं, जिसके कारण समाज में असामंजस्य बन रहा है और अलग अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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कंगना रणौत
- फोटो : Instagram
युसूफ परमार आगे कहते हैं कि कंगना रणौत ने 10 नवंबर को टीवी पर दिए एक इंटरव्यू में स्वतंत्रता सेनानियों की आलोचना की थी और कहा था कि 1947 में हमें जो मिला वह आजादी नहीं, भीख थी। हमें सही मायने में 2014 में ही आजादी मिली है।
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कंगना रणौत
- फोटो : सोशल मीडिया
परमार ने इसे अपानजनक बताया है, जो आम लोगों की भावनाओं को आहत कर रहा है। कंगना ने ऐसे बयान देकर न सिर्फ भारत के सविधान का अपमान किया है, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नीचा दिखाया है। जिन्होंने आजादी के लिए अपनी जान दे दी।
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कंगना रणौत
- फोटो : Social media
परमान ने कहा कि 13 नवंबर को कंगना के खिलाफ मुंबई के मलाड पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग भारत के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कंगना की टिप्पणी के लिए दिए गए पद्मश्री को वापस लेने की मांग कर चुकी है। कंगना के मामले की सुनवाई कोर्ट 7 जनवरी को तय करेगी।
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