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गोवा फिल्म फेस्टिवल के स्वर्ण जयंती समारोह की कोर कमेटी में बीजेपी का दबदबा
Mon, 15 Jul 2019 03:07 PM IST
anand anand
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Mon, 15 Jul 2019 03:07 PM IST
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Karan Johar, Madhur Bhandarkar, Rahul Rawail, Siddharth Roy Kapur
- फोटो : amar ujala
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भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल की स्वर्ण जयंती वर्ष में इसकी कोर कमेटी के पूरी तरह भगवाकरण कर दिए जाने से हिंदी सिनेमा में खासी बेचैनी है। इस कमेटी के जो नाम सोमवार को सामने आए हैं, वे सब किसी न किसी तरह से केंद्र और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के करीबी बताए जाते हैं। इस कमेटी के गठन को लेकर हिंदी सिनेमा के अलावा तमिल, तेलुगू और मलयालम सिनेमा से भी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं।
Madhur Bhandarkar
- फोटो : file photo
हर साल गोवा में सर्दियों में होने वाले भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफआई) की कोर कमेटी के सदस्यों के तौर पर सोमवार को जो नाम सामने आए उनमें करण जौहर, मधुर भंडारकर, राहुल रवैल और सिद्धार्थ रॉय कपूर पूरी तरह से बीजेपी के खेमे के फिल्ममेकर माने जाते हैं। करण जौहर तो लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मुंबई से जाकर दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले हिंदी सिनेमा के प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थे। वहीं, मधुर भंडारकर बीजेपी से दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के समय से जुड़े रहे हैं।
Rahul Rawail
- फोटो : social media
राहुल रवैल इस साल के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में रहे और हाल ही में सरकारी खर्चे पर कान फिल्म फेस्टिवल भी घूमकर आए हैं। दुनिया भर में गोवा फिल्म फेस्टिवल के नाम से मशहूर इस फेस्टिवल की कोर कमेटी में सिर्फ बीजेपी समर्थक फिल्ममेकर्स को ही रखे जाने की हैदराबाद, चेन्नई और कोच्चि में भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
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Ashwini Chaudhary
- फोटो : social media
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक अश्विनी चौधरी कहते हैं, ‘सिनेमा समाज का आईना होता है और समाज में हर तबके और विचारधारा के लोग रहते हैं। इसी तरह सिनेमा को भी दलगत राजनीति से अलग ही रखना चाहिए। अच्छा होता अगर केंद्र सरकार इस कमेटी में कुछ ऐसे निर्माता और निर्देशकों को भी शामिल करती जिनकी पहचान किसी पार्टी विशेष से जुड़े होने की नहीं है।’ तमाम दूसरे निर्माता निर्देशकों ने भी कमेटी में सिर्फ बीजेपी समर्थित लोगों को ही रखने की आलोचना की है, हालांकि वे खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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Goa Film Festival
- फोटो : file photo
गोवा फिल्म फेस्टिवल के स्वर्ण जयंती वर्ष में इस बार रूस के अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी के रूप में शामिल होने की चर्चाएं हैं। फेस्टिवल क दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर एक प्रदर्शनी लगाने की भी योजना है। 20 से 28 नवंबर तक चलने वाले इस समारोह में इस बार 70 देशों से आई फिल्मों का अलग अलग वर्गों में प्रदर्शन किया जाएगा।