Kriti Sanon Interview: मुझे भी डिंपल मैम जैसा कुछ शानदार करना है, तब्बू मैम का जलवा बस देखने वाला ही जानता है
निर्देशक आनंद एल राय की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ के पोस्टर में सुट्टा मारती नजर आईं अभिनेत्री कृति सेनन का अभिनय फिल्म दर फिल्म निखरा है। वह मानती हैं कि उन्हें हिंदी सिनेमा की दमदार अभिनेत्रियों से काफी कुछ सीखने को मिला है। इस बार की चार बातें कृति सेनन से..
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मुझे पता है कि ये इतना आसान नहीं होता लेकिन अभिनय मैंने दूसरों को देखकर ही सीखा है। अक्सर कहा जाता है कि अभिनेत्रियों के बीच सहज संवाद कम ही होता है पर मैंने जितनी भी हीरोइन के साथ काम किया, उनमें डिंपल (कपाड़िया) मैम का रुतबा सबसे अलग दिखा है। उनका क्या ही तो स्टाइल है, कमाल कॉन्फीडेंस और उनके रंग बिरंगे धूप के चश्मे, उफ़! एक दिन मैं भी उनके जैसे किरदार करना चाहूंगी।
करीना कपूर को वैसे देखिए तो वह बहुत ही मस्तमौला टाइप की इंसान लगती है। लेकिन, सेट पर आते ही वह एकदम से बदल जाती हैं। कैमरे की नजरों में वह अलग ही दिखती हैं। हर सीन से पहले हर संवाद को तरह तरह से बोलकर याद करती हैं।
तब्बू मैम का ताव हिंदी सिनेमा में सबसे अनोखा है। उनके किरदारों की पूरी एक फेहरिस्त मेरे पास है जिनको मौका मिले तो मैं तुरंत करना चाहूंगी। वह अपने अभिनय की आशुकवि हैं। उनके दिमाग में न जाने कहां से वह सब कैमरा ऑन होते ही आ जाता है। उनके चेहरे की एक मुस्कुराहट पूरे सीन का भाव बदल देती है।
काजोल मैम के साथ मैंने पहले फिल्म ‘दिलवाले’ की थी और फिर ‘दो पत्ती’। इतने साल अभिनय करने के बाद भी वह हर बार कुछ नया, कुछ बेहतर करने के लिए एक न्यूकमर की तरह लालायित दिखती हैं। अभिनय के प्रति उनका ये समर्पण अक्सर मुझे शाहरुख (खान) सर की याद दिलाता है।

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