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हर सुपरहिट फिल्मों में दिखता है ये शख्स, बन गया है सफलता का लकी चार्म
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:11 AM IST
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कुमुद मिश्रा
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'सुल्तान' में सलमान को पहलवानी सिखाने वाला ससुर हो या 'रुस्तम' में अक्षय की बेगुनाही पर खबर छापने वाला पत्रकार। 'एमएस धोनी' में धोनी को सफल होने से रोकने वाला रेल अफसर हो या एयरलिफ्ट' में अक्षय की बात सुनने वाला एकमात्र भारतीय अधिकारी। यहां एक चीज कॉमन थी और वो थे कुमुद मिश्रा।
कुमुद मिश्रा
कुमुद प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़े हैं। उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत थियेटर से की थी। थियेटर को कुमुद अपनी पहली पसंद बताते हैं। उन्हें आज भी फिल्मों से ज्यादा थियेटर का ही शौक है।
कुमुद मिश्रा
कुमुद की पहली फिल्म साल 1996 में श्याम बेनेगल की 'सरदारी बेगम' थी। इस फिल्म से उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली और वो वापस अपने प्यार थियेटर की तरफ लौट गए। इसके दस सालों बाद 2007 में कुमुद ने फिल्मों में वापसी की। कुमुद ने फिर '1971', 'दैट गर्ल इन येलो बूट्स' और 'पटियाला हाउस' में काम किया।
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कुमुद मिश्रा
हर किसी की जिंदगी में ऐसा रोल आता है जिससे उसे असली पहचान मिलती है। कुमुद की जिंदगी में वो रोल इम्तियाज अली लेकर आए। कुमुद ने इम्तियाज की फिल्म 'रॉकस्टार' में 'खताना' का रोल प्ले किया था जो कैंटिन चालक था। इस छोटे से रोल ने कुमुद को रातोंरात फेमस कर दिया। आखिर हर कोई जानना जो चाहता था कि रणबीर को दिल तुड़वाने की सलाह देने वाला ये शख्स है कौन।
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कुमुद मिश्रा
इसके बाद कुमुद ने छोटे बजट की फिल्में 'फिल्मिस्तान' और 'हंसा' की। इन फिल्मों में भी उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई।
कुमुद अब फिल्मों में सफलता की गारंटी बन चुके थे। हर कोई उन्हें अपनी फिल्म में साइन करना चाहता था। कुमुद की खासियत यही है कि वो हर रोल में खुद को इस कदर ढाल लेते हैं कि सहजता का पर्याय बन जाते हैं। वो हर रोल में वैसे ही दिखने लगते हैं जैसा उन्हें सोचा जा रहा होता है।
कुमुद अब फिल्मों में सफलता की गारंटी बन चुके थे। हर कोई उन्हें अपनी फिल्म में साइन करना चाहता था। कुमुद की खासियत यही है कि वो हर रोल में खुद को इस कदर ढाल लेते हैं कि सहजता का पर्याय बन जाते हैं। वो हर रोल में वैसे ही दिखने लगते हैं जैसा उन्हें सोचा जा रहा होता है।