{"_id":"6078421c8ebc3ec39f5dcd09","slug":"lalita-pawar-birth-anniversary-know-interesting-life-facts-of-serial-ramayan-s-manthra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मंंदिर के बाहर जन्मी थीं 'मंथरा', एक थप्पड़ ने बदल दी जिंदगी","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
मंंदिर के बाहर जन्मी थीं 'मंथरा', एक थप्पड़ ने बदल दी जिंदगी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: शुभांगी गुप्ता
Updated Thu, 15 Apr 2021 07:14 PM IST
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ललिता पवार का जन्मदिन 18 अप्रैल को होता है। उनका असली नाम अंबिका था। उन्होंने छोटे और बड़े पर्दे पर अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों की जीता है। ललिता पवार ने मां और सास के किरदार में फिल्मी पर्दे पर अपनी खास पहचान बनाई। इसके अलावा वो घर-घर में 'रामायण' की मंथरा के नाम से भी जानी जाती हैं। ललिता पवार का जन्म मुंबई के नासिक के एक धनी परिवार में हुआ था।
Trending Videos
2 of 6
मंथरा के किरदार में ललिता पवार
- फोटो : सोशल मीडिया
ललिता पवार के पिता लक्ष्मणराव शगुन नासिक में एक अमीर बिजनेसमैन थे। जब ललिता की मां प्रेग्नेंट थीं तब अंबा देवी के मंदिर गई हुई थीं और वहीं पर उन्हें प्रसव पीड़ा हुई। तब मंदिर के बाहर जन्म होने के कारण उनका नाम अंबिका रख दिया गया। लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम ललिता रख लिया क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि अंबिका नाम फिल्म के लिए सही नहीं रहेगा और यह लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ेगा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार की थी। ललिता पवार ने पहली बार एक मूक फिल्म में काम किया था। इस फिल्म के लिए उन्हें 18 रुपये कमाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
ललिता पवार
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद उन्होंने हर फिल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवाया लेकिन साल 1942 में ललिता पवार के साथ फिल्म 'जंग-ए-आजादी' की शूटिंग के दौरान ऐसा हादसा हो गया कि उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई। दरअसल फिल्म 'जंग-ए-आजादी' में ललिता पवार को अभिनेता भगवान दादा के साथ एक थप्पड़ का सीन शूट करना था। इस सीन को करने के दौरान भगवान दादा ललिता को इतनी जोर से थप्पड़ मारा देते हैं कि वह गिर जाती है और उनके कान से खून बहने लगता है। कहते हैं कि कान के इलाज के बीच डॉक्टर ने ललिता पवार को गलत दवा दे दी जिसके बाद ललिता पवार के शरीर के दाहिने हिस्से को लकवा मार गया।
4 of 6
ललिता पवार
- फोटो : फाइल फोटो
लकवे के कारण ललिता पवार लंबे समय तक मनोरंजन की दुनिया से दूर हो गईं। उनकी दाहिनी आंख पूरी तरह सिकुड़ गई और चेहरा खराब हो गया था। ऐसे में उन्हें फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया, लेकिन उन्होंने हिम्मद नहीं हारी। उन्होंने अपने हौसले को कभी मरने नहीं दिया और अपनी सेहत में सुधार करने के बाद ललिता पवार ने एक बार फिर से साल 1948 में पर्दे पर वापसी की।
विज्ञापन
5 of 6
ललिता पवार
- फोटो : फाइल फोटो
यहां तक कि ललिता पवार का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। दरअसल, हिंदी सिनेमा में उनकी सक्रियता सात दशक तक रही। इस दौरान उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। सात दशक के इस कॅरिअर में उन्होंने पॉजिटिव, निगेटिव और ग्लैमरस समेत हर तरह के किरदार जीवंत किए हैं। बाद के वर्षाें में बतौर क्रूर सास उन्होंने इतने रोल किए कि आज भी सास की उपमा के लिए ललिता पवार का ही नाम लिया जाता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।