स्वर कोकिला कही जाने वालीं लता मंगेशकर 28 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाती हैं। लता का जीवन उपलब्धियों से भरा है। हालांकि बचपन में उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा। जब वो 13 साल की थीं तभी दिल का दौरा पड़ने से उनके पिता गुजर गए थे। लता के पिता के दोस्त मास्टर विनायक उन्हें गायन और अभिनय की दुनिया में ले आए। 1942 में लता ने एक मराठी फिल्म में अभिनय भी किया। बीते सात दशकों से भी ज्यादा समय से वो लगातार अपनी आवाज से लोगों का मनोरंजन कर रही हैं। आगे जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से।
Happy Birthday Lata Mangeshkar: बेहद संघर्षों भरा रहा लता मंगेशकर का बचपन, जानें क्यों नहीं की शादी
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किशोर कुमार से मुलाकात
लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने एक साथ अनेक गीत गाए। हालांकि लता मंगेशकर और किशोर कुमार की पहली मुलाकात बहुत ही अजीब थी। 40 के दशक में लता मंगेशकर ने फिल्मों में गाना शुरू किया था। तब वो लोकल ट्रेन पकड़कर स्टूडियो पहुंचती थीं। रास्ते में उन्हें किशोर कुमार मिलते थे लेकिन तब दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे। लता को किशोर की हरकतें बहुत अजीब लगती थीं। उस वक्त वो खेमचंद प्रकाश की एक फिल्म में गाना गा रही थीं। एक दिन किशोर कुमार उनके पीछे पीछे स्टूडियो पहुंच गए। तब लता ने खेमचंद से शिकायत की। खेमचंद ने उन्हें बताया कि ये तो अशोक कुमार का छोटा भाई किशोर है। फिर खेमचंद ने दोनों की मुलाकात करवाई।
लता ने क्यों नहीं की शादी
पिता के गुजर जाने के बाद घर की सारी जिम्मेदारियां लता मंगेशकर पर आ गईं थीं। एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने कहा था कि 'घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी मुझ पर थी। ऐसे में कई बार शादी का ख्याल आता भी तो उस पर अमल नहीं कर सकती थी। बेहद कम उम्र में ही मैं काम करने लगी थी। सोचा कि पहले सभी छोटे भाई बहनों को व्यवस्थित कर दूं। फिर बहन की शादी हो गई। बच्चे हो गए। तो उन्हें संभालने की जिम्मेदारी आ गई। इस तरह से वक्त निकलता चला गया।‘
मोहम्मद रफी से झगड़ा
60 के दशक में लता मंगेशकर, मुकेश और तलत महमूद ने रॉयल्टी लेने के लिए एक एसोसिएशन बनाई। उन्होंने रिकॉर्डिंग कंपनी एचएमवी और प्रोड्यूसर्स से मांग की कि गायकों को गानों के लिए रॉयल्टी मिलनी चाहिए लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब कुछ निर्माताओं और रिकॉर्डिंग कंपनी ने मोहम्मद रफी को समझाया कि क्यों सभी रॉयल्टी मांग रहे हैं। रफी ने कहा कि उन्हें रॉयल्टी नहीं चाहिए। उनके इस कदम से सभी गायकों को धक्का पहुंचा। लता और मुकेश ने रफी को बुलाकर समझाना चाहा लेकिन मामला उलझता ही चला गया। बैठक में लता और रफी के बीच बहस हो गई। दोनों ने एक साथ गाने से मना कर दिया था। इस तरह से साढ़े तीन साल तक यह झगड़ा चला।
भारत रत्न से नवाजा गया
लता मंगेशकर को न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित कई विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया है। लता को अपने सिने करियर में मान-सम्मान बहुत मिला। वे फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला हैं जिन्हें भारत रत्न और दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त हुआ।