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जब लता मंगेशकर को मारने के लिए दिया गया था जहर, तीन महीने तक हालत थी खराब, पढ़िए ये किस्सा

Fri, 27 Nov 2020 07:32 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: anand anand Updated Fri, 27 Nov 2020 07:32 PM IST
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Lata Mangeshkar has Reveals The Truth of Behind Her Slow Poisoning incident
लता मंगेशकर - फोटो : Twitter: @iSachinSrivstva

हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिका लता मंगेशकर ने अपनी शानदार आवाज से लंबे समय तक दर्शकों के दिलों को जीता है। उनकी खूबसूरत आवाज के दुनिया भर में दीवाने हैं। लता मंगेशकर के बारे में हमेशा से यह चर्चा रही हैं कि जब वह 33 साल की थीं तो उन्हें किसी ने जहर देकर मारने की कोशिश की थी। अब स्वर कोकिला ने इस किस्से पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

Lata Mangeshkar has Reveals The Truth of Behind Her Slow Poisoning incident
लता मंगेशकर - फोटो : file photo

लता मंगेशकर अब फिल्मी दुनिया से दूर रहती हैं। उन्होंने हाल ही में मीडिया को इंटरव्यू दिया है। उन्होंने कहा, 'हम मंगेशकर्स इस बारे में बात नहीं करते, क्योंकि यह हमारी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। साल 1963 में मुझे इतनी कमजोरी महसूस होने लगी कि मैं तीन महीने तक बेड से भी बहुत मुश्किल से उठ पाती थी। हालात यह हो गए कि मैं अपने पैरों से चल फिर भी नहीं सकती थी।'

Lata Mangeshkar has Reveals The Truth of Behind Her Slow Poisoning incident
लता मंगेशकर - फोटो : file photo

इसके बाद लता मंगेशकर का लंबा इलाज चला था। उनसे पूछा गया कि क्या डॉक्टर्स ने उन्हें कह दिया था कि वह कभी नहीं गा पाएंगी? इसके जवाब में लता मंगेशकर ने कहा, 'यह सही नहीं है, यह मेरे धीमे जहर के इर्द-गिर्द बुनी गई एक काल्पनिक कहानी है। डॉक्टर ने मुझे नहीं कहा था कि मैं कभी नहीं गा पाऊंगी। मुझे ठीक करने वाले हमारे पारिवारिक डॉक्टर आर पी कपूर ने तो मुझसे यह तक कहा था कि वह ठीक करके रहेंगे, लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूं कि पिछले कुछ सालों में यह गलतफहमी हुई है। मैंने अपनी आवाज नहीं खोई थी।'

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Lata Mangeshkar has Reveals The Truth of Behind Her Slow Poisoning incident
लता मंगेशकर - फोटो : @FilmHistoryPic

लता मंगेशकर के अनुसार लंबे इलाज के बाद वह ठीक हो गई थीं। उन्होंने कहा, 'इस बात की पुष्टि हो चुकी थी कि मुझे धीमा जहर दिया गया था। डॉ. कपूर का इलाज और मेरा दृढ़ संकल्प मुझे वापस ले आया। तीन महीने तक बेड पर रहने के बाद मैं फिर से रिकॉर्ड करने लायक तैयार हो गई थी।' अपने इस इलाज से ठीक होने के बाद लता मंगेशकर ने फिर से गाना शुरू किया। इलाज के बाद उन्होंने पहला गाना 'कहीं दीप जले कहीं दिल' गाया जोकि हेमंत कुमार ने कंपोज किया था। 

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Lata Mangeshkar has Reveals The Truth of Behind Her Slow Poisoning incident
लता मंगेशकर - फोटो : file photo

लता मंगेशकर ने आगे कहा, 'हेमंत दा घर आए और मेरी मां की इजाजत लेकर मुझे रिकॉर्डिंग के लिए ले गए। उन्होंने मां से वादा किया कि किसी भी तरह के तनाव दिखते ही वह तुरंत मुझे घर वापस ले आएंगे। किस्मत से रिकॉर्डिंग अच्छे से हो गई। मैंने अपनी आवाज नहीं खोई थी।' वहीं जब लता मंगेशकर से पूछा गया कि उन्हें कभी पता चला कि उन्हें जहर किसने दिया था? इस बात के जवाब में दिग्गज गायिका ने कहा, 'जी हां, मुझे पता चल गया था, लेकिन हमने कोई एक्शन नहीं लिया। क्योंकि हमारे पास उस इंसान के खिलाफ कोई सबूत नहीं था।'

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