वैलेंटाइन डे को जन्मीं मधुबाला हिंदी सिनेमा की बेहद खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक थी। मधुबाला का चेहरा जितना प्यारा था उतना ही प्यारा उनका दिल भी था। मधुबाला के लिए कहा जाता है कि वो इतनी मासूम थीं कि उनका दिल हर किसी पर आ जाता था। अपनी आंखों और मुस्कुराहट से दिल में मोहब्बत पैदा कर देने वाली मधुबाला के जन्मदिन के मौके पर आपको बताते हैं उनकी दस फिल्मों के किस्सों के बारे में जो बेहद ही दिलचस्प हैं।
हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक थीं मधुबाला, पढ़ें उनकी 10 फिल्मों के दिलचस्प किस्से
बसंत
‘बसंत’ मधुबाला के करियर की पहली फिल्म थी। इस फिल्म के बाद रणजीत स्टूडियो की कुछ फिल्मों में अभिनय और गाने गाकर मुमताज (मधुबाला) ने अपना फिल्मी सफर आगे बढ़ाया था। देविका रानी ‘बसंत’ में उनके अभिनय से बहुत प्रभावित हुईं और उन्होंने ही उनका नाम मुमताज से बदल कर 'मधुबाला' रख दिया। मधुबाला की सिनेमाई ट्रेनिंग यहीं से आगे बढ़ी।
मुगल-ए-आजम
मधुबाला ने अपने करियर में बहुत सी फिल्में की थीं, लेकिन उनकी सबसे खास फिल्म थी 'मुगल-ए-आजम'। ये फिल्म 1960 में प्रदर्शित हुई थी। फिल्म में अकबर के बेटे शहजादा सलीम (दिलीप कुमार) और दरबार की एक कनीज नादिरा (मधुबाला) की प्रेम कहानी दिखाई गई थी। नादिरा को अकबर द्वारा अनारकली का खिताब दिया जाता है। फिल्म में दिखाया गया है कि सलीम और अनारकली में धीरे-धीरे प्यार हो जाता है और अकबर इससे नाखुश होते हैं। अनारकली को कैदखाने में बंद कर दिया जाता है। इस फिल्म में मधुबाला के बगावती किरदार ने फैंस के दिल लूट लिए थे।
हावड़ा ब्रिज
1958 में आई हावड़ा ब्रिज फिल्म में मधुबाला ने अशोक कुमार के साथ स्क्रीन साझा किया था। इस फिल्म के गीत उस जमाने में खूब लोकप्रिय हुए और एवरग्रीन की फेहरिस्त में शामिल हुए। इस फिल्म में मधुबाला ने जबरदस्त अभिनय किया था। उन पर फिल्माए गए गाने 'आइए मेहरबान' आज भी लोगों का पसंदीदा है।
गेटवे ऑफ इंडिया
1957 में आई फिल्म गेटवे ऑफ इंडिया में मधुबाला को भारत भूषण के अपोजिट रखा गया था। हालांकि ये फिल्म कोई ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन मधुबाला ने दर्शकों के बीच अपनी खास जगह इस फिल्म से बना ली थी।
