अभिनेत्री कंगना रणौत के दफ्तर पर बीएमसी द्वारा चलाए गए बुल्डोजर वाले मामले में अब महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने बीएमसी के कमिश्नर आईएएस इकबाल सिंह चहल को समन जारी किया है। बता दें इकबाल सिंह के निर्देशों के बाद ही कंगना के दफ्तर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। हालांकि बाद में कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई को रोकना पड़ा था लेकिन तब तक अभिनेत्री का काफी नुकसान हो चुका था।
कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़: मानवाधिकार आयोग ने बीएमसी के कमिश्नर IAS चहल को जारी किया समन
मूल रूप से श्रीगंगानगर के रहने वाले इकबाल महाराष्ट्र कैडर 1989 बैच के आईएएस हैं। उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है। फिलहाल उनके पास बीएमसी का जिम्मा है। बता दें कंगना रणौत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए अनुरोध किया है कि बृहनमुंबई नगर निगम द्वारा उनकी संपत्ति में की गई तोड़फोड़ मामले की सुनवाई के बिना कोई आदेश पारित नहीं किया जाए। गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट से इस मामले में कंगना को राहत मिली हुई है।
बीते दिनों बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत की याचिका पर सुनवाई की और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को बड़ा झटका दिया। रणौत के बंगले के कुछ हिस्सों को तोड़ने की बीएमसी की कार्रवाई को कोर्ट ने अवैध करार दिया था और कहा था कि इससे दुर्भावना की बू आती है।
9 सितंबर को BMC ने कंगना के ऑफिस में कुछ हिस्सों को अवैध बताते हुए तोड़फोड़ की थी जिसके विरोध में कंगना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंगना का कहना है ऑफिस का 40 फीसदी हिस्सा ध्वस्त किया गया था। इसमें झूमर, सोफा और दुर्लभ कलाकृतियों समेत कई कीमती संपत्ति भी शामिल है। कंगना ने BMC से दो करोड़ रुपये हर्जाना मांगा है।
वहीं सोशल मीडिया पर कमेंट्स वाले मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से कंगना को राहत मिली है। बीते रोज बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि अभिनेत्री कंगना के पास ट्विटर अकाउंट रखने और उस पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अधिकार है। बता दें कि कंगना के आपत्तिजनक ट्वीट्स के आरोप में उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी, जिस पर बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई थी।
