आलिया भट्ट की हालिया रिलीज फिल्म 'राजी' ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। जहां दर्शकों को आलिया का ढेर सारा प्यार मिला तो वहीं क्रिटिक्स ने भी उनकी खूब सराहना कि ऐसे में आलिया के पिता महेश भट्ट भी उनके इस सक्सेस से काफी खुश हैं। अमर उजाला से बात करते हुए महेश भट्ट ने आलिया भट्ट की तारीफों के पुल बांधे।
जब आलिया के लिए महेश भट्ट को भी खरीदनी पड़ी थी टिकट, फिल्म देखकर ऐसा था रिएक्शन
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महेश भट्ट ने आलिया के बारे में कहा कि 'लोग मुझसे अक्सर यह सवाल करते हैं कि आलिया घर पर कैसे रहती है। वह जानना चाहते हैं कि क्या वह भी आम लोगों जैसा ही व्यवहार करती है। मैं मानता हूं यह जानना लोगों के लिए इतना दिलचस्प क्यों है? इसलिए कि वह लड़की पूरी फिल्मी है। आज जिस मुकाम पर मेरी बेटी पहुंची है, मुझे उस पर गर्व है। वह घर पर भी बिल्कुल वैसे ही रहती है, जैसे आमतौर पर लोग रहते हैं। उसे अपने परिवार के साथ समय बिताना बहुत पसंद है। हम साथ बैठते हैं, बातें करते हैं। बचपन से ही वह टीवी और फिल्में देखकर बड़ी हुई है, तो जाहिर है कि एक्टिंग उसमें बसी होगी।'
महेश भट्ट ने आगे कहा कि 'उसकी जब पहली फिल्म आई, तो मुझे पूजा का फोन आया और उसने बताया कि पापा आलिया ने तो कमाल कर दिया। मेरा बेटा राहुल जल्द ही किसी की तारीफ नहीं करता। उसे प्रभावित करना आसान बात नहीं है, लेकिन उसने भी जब बताया, तब मुझे लगा कि भई लड़की छा गई हमारी। मुझे अपनी छोटी बेटी पर उस दिन बहुत नाज हुआ। मेरी बेटी को दर्शकों का भी बहुत प्यार मिला। उसकी फिल्म देखने के लिए मैंने टिकट खरीदा और अपनी बेटी को पहली बार जब बड़े परदे पर देखा तो बहुत खुशी हुई। मुझे अपनी बेटी की काबिलियत पर भरोसा है लेकिन बस देखना था कि दर्शक उसे कितना प्यार देंगे। यह बात तब साबित हुई जब फिल्म हिट हुई। मेरा सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया। आलिया अपने काम को बहुत गंभीरता से लेती है।'
महेश भट्ट ने कहना था कि 'वह मेरी तरह है, एकदम समय की पाबंद और हमेशा सतर्क रहती है कि वह क्या सोच रही है और क्या प्रस्तुत कर रही है। कभी मैंने उसे अपने काम के प्रति ढिलाई बरतते नहीं देखा। उसके फिल्मों के चुनाव पर भी मुझे फख्र महसूस होता है। कम उम्र में सही फिल्मों का चुनाव करने की क्षमता पर खुशी होती है। जब उसने 'हाईवे' और 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्में की तो चकित रह गया। 'उड़ता पंजाब' में मैंने जब उसका अभिनय देखा तो मैं यह सोचता रहा कि उसमें यह कहां से आया। हमारे घर में जहां पश्चिमी कल्चर है, दूसरी तरफ उसकी मां आधी जर्मन है और आधी कश्मीरी, तो उसने यह अलग ही रंग कहां से ओढ़ लिया। उसके बाद उसकी फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' देखी तब भी मेरी आंखों में खुशी के आंसू थे। हाल ही में आई उसकी फिल्म 'राजी' में जिस तरह से उसने एक जासूस का किरदार निभाया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।'
'मुझे खुशी होती है, जब लोग मुझे बताते हैं कि मेरी बेटी अच्छा कर रही है। उसने अब तक अपने किरदारों से लोगों को चकित किया है और मेरा मानना है यह काम आसान नहीं है। उसने खुलकर जोखिम लिए और जोखिम लेना इतना आसान होता नहीं है। अपनी कामयाबी के बावजूद वह अब तक डरी नहीं है। अब बस उम्मीद यही है कि वह ऐसे ही आगे बढ़ती रहे। बाप हूं तो डर भी लगता है कि कामयाबी के बाद में बाजार का एक प्रेशर आता है और फिर उससे जूझने के लिए एक अलग तरह की जहमत उठानी पड़ती है। खैर, हम उसके काम पर खुश होते हैं, उसकी तारीफ करते हैं, लेकिन उसे यह भी याद दिलाते रहते हैं कि उसे अब तक जो भी कामयाबी मिली है, उसे यूं ही न गवां दे।'