भारतीय सिनेमा में मकरंद देशपांडे एक हुनर का नाम है। कोई भी भाषा हो या कोई भी शैली हो, मकरंद को सब कुछ भाता है। स्वदेस, मकड़ी, जंगल, डरना मना है जैसी कुछ फिल्मों में उन्होंने थोड़े बड़े किरदार किए हैं। नहीं तो मकरंद हमेशा कोई राहगीर, शराबी या कोई कॉमेडी किरदार ही किया करते हैं। मकरंद का जितना बड़ा नाम भारतीय सिनेमा में है, उतना ही बड़ा उनका नाम रंगमंच में भी है। वे अब तक थिएटर को 40 से ज्यादा पूरी लंबाई के नाटक और 50 से ज्यादा छोटे नाटक की भेंट दे चुके हैं। आज भी उनका 'अंश' नामक थिएटर ग्रुप है, जिसे वे के के मेनन के साथ मिलकर चलाते हैं। आज मकरंद के जन्मदिन पर हम आपको हिंदी फिल्मों में उनके कुछ रुचिकर किरदारों के बारे में बताते हैं।
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किरदार : किराए का गुंडा
फिल्म : घातक (1996)
किराए के गुंडे किसी-किसी फिल्म में अपनी पहचान बना पाते हैं। इस फिल्म में मकरंद का सीन मुश्किल से एक मिनट का होगा। लेकिन फिल्म के जिस माहौल में उनका एक मिनट शुरू होता है, वह बहुत गंभीर होता है। और उस गंभीर माहौल में मकरंद का पर्दे पर दिखाई देना दर्शकों के लिए मूड हल्का करने वाली बात होती है। उस समय मकरंद की धमकियां दर्शकों के चेहरों पर खुशी, और यादगार लम्हा देती हैं।
किरदार : चंद्रकांत मुले
फिल्म : सत्या (1998)
मकरंद की कॉमेडी के बाद इस फिल्म में दर्शकों को उनका एक नया रूप देखने को मिला। वकील चंद्रकांत मुले बनकर इस फिल्म में मकरंद लोगों के बीच समझौते कराते हुए नजर आए। गुंडों और बिल्डरों की समस्याओं का बातचीत से हल निकालने के लिए चंद्रकांत एक माध्यम के जैसे थे। यहां पर भी उनके अभिनय का तरीका एकदम अनोखा है।
किरदार : शिवा
फिल्म : सरफरोश (1999)
जैसा कि हम जानते हैं कि मकरंद ने फिल्मों में बहुत छोटे-छोटे किरदार किए हैं। एक इंटरव्यू में मकरंद ने कहा था कि फिल्म सरफरोश में उन्होंने अपने करियर का सबसे अच्छा काम किया है। इस फिल्म में उन्होंने गैरकानूनी माल को इधर से उधर पहुंचाने का काम किया है। अपने मालिक के प्रति वफादारी और खुले ख्यालों में जीना इस किरदार की खासियत है।
किरदार : दोराई स्वामी
फिल्म : जंगल (2000)
नक्सलियों की तरह जंगल में रहने वाला दोराई स्वामी एक गैरकानूनी हथियारों का सौदागर है। यह फिल्म मकरंद की उन फिल्मों में से एक है, जिनमें उन्होंने अपने बेहतरीन किरदारों को अंजाम दिया। फिल्म में हथियारों का सौदागर होने के अलावा वह सिद्धार्थ मिश्रा (फरदीन खान) की उसकी प्रेमिका अनु (उर्मिला मातोंडकर) को खोजने में भी मदद करता है।