मशहूर फिल्मकार मणिरत्नम की फिल्मों में काम करना हर बड़े स्टार का सपना होता है. साउथ की फिल्म इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक मणित्नम ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्में बनाईं। मणिरत्नम का जन्म दो जून 1956 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। मणिरत्नम ने बॉलीवुड को 'बॉम्बे', 'दिल से' और 'गुरु' जैसी बेहतरीन फिल्में दी हैं। उनकी पहली निर्देशित फिल्म साल 1983 में तमिल में आई 'पल्लवी अनु पल्लवी' थी। इस फिल्म में अनिल कपूर और लक्ष्मी लीड रोल में थे। लेकिन मणिरत्नम को 1986 तमिल फिल्म 'मोउना रागम' से पहचान मिली। फिल्म में रेवती और मोहन लीड रोल थे। जो कि सुपरहिट रही थी। इस फिल्म के लिए मणिरत्नम को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। हिंदी में उन्होंने पहली फिल्म 'दिल से' डायरेक्ट की थी जिसे क्रिटिक्स और दर्शकों ने खूब पसंद किया था। 1992 में मणिरत्नम ने फिल्म 'रोजा' का निर्देशन किया। यही वो फिल्म थी जिससे ए आर रहमान ने डेब्यू किया था। ज्ञात हो कि मणिरत्नम का पूरा नाम गोपाल रत्नम सुब्रमण्यम है। उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले कंसल्टेंट का काम किया है। बॉलीवुड में ‘रोजा’ से लेकर ‘गुरु’ तक मणिरत्नम की फिल्मों ने इतिहास रच दिया।
जन्मदिन: मणिरत्नम की इन बेहतरीन फिल्मों को नहीं देखा तो समझिए कुछ नहीं देखा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोजा (1992)
यह एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म थी। अरविंद स्वामी और मधु स्टारर मणिरत्नम की इस फिल्म ने उस वक्त काफी नाम कमाया था। ये फिल्म सुपरहिट तो रही ही थी साथ ही फिल्म के गाने भी काफी लोकप्रिय हुए थे। ये गाने आज तक लोगों के जहन में है। मणि रत्नम की यह फिल्म तमिलनाडु की एक साधारण लड़की की कहानी है जो अपने खोए हुए पति को पागलों की तरह ढूंढने में लगी हुई है। उसके पति को एक सीक्रेट अंडरकवर मिशन के दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों ने किडनैप कर लिया है। इस बहुत ही साधारण सी कहानी को मणिरत्नम ने बहुत ही अच्छे से फिल्माया।
बॉम्बे
मणिरत्नम की फिल्म बॉम्बे (1995) में मुख्य किरदार अरविंद स्वामी और मनीषा कोइराला ने निभाए हैं। इसमें संगीत एआर रहमान ने दिया है। फिल्म की कहानी शेखर मिश्रा नारायण और शैला बानो के प्यार पर आधारित है जो शादी करना चाहते हैं। घर से भागकर शादी करते हैं और परिवार से छुपते हुए मुंबई आ बसते हैं। यहां दोनों शादी के बाद बच्चों के साथ सुखी संसार बसा चुके होते हैं लेकिन मुंबई में फैले दंगे सब तहस-नहस कर देते हैं। इस फिल्म को सिनेप्रेमी कभी नहीं भूल पाएंगे।
दिल से
शाहरुख खान और मनीषा कोइराला स्टारर इस फिल्म की भी कहानी आंतकवादी बैकग्राउंड पर आधारित थी, जहां एक पत्रकार एक आत्मघाती आंतकवादी महिला के प्यार में पड़ जाता है। फिल्म की कहानी में अमर नाम का एक पत्रकार होता है जो एक रहस्यमयी लड़की से प्यार करने लगता है। हालांकि वह अमर की भावनाओं को नहीं समझती। अमर जब शादी के लिए तैयार होता है तो वह उससे अपने एक काम को पूरा करने के लिए मदद मांगती है। आज भी इस फिल्म का गाना 'चल छैंया-छैंया' लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल रहता है।
गुरु
2007 में आई गुरु से ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने ऐसा तहलका किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। ऐश ने अभिषेक बच्चन का बखूबी साथ निभाया और गुरू हर जगह सुपरहिट थी। तब से दोनों की केमेस्ट्री पर्दे के साथ-साथ रियल लाइफ में भी साफ दिखती है। इस फिल्म की खास बात ये थी कि अभिषेक ने ऐश को इसी फिल्म के सेट पर प्रपोज किया था। इस फिल्म की कहानी एक नौजवान लड़के की थी जो छोटे से गांव से निकलकर एक बड़ा कारोबारी बनता है।