राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला विज्ञान भवन में शुरू हो चुकी है। इस मौके पर विपक्षी दलों का कोई नेता तो नहीं पहुंचा, लेकिन बॉलीवुड की कई दिग्गज हस्तियां यहां पहुंची। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आप संकीर्ण सोच के साथ किसी विचारधारा की अवहेलना नहीं कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि देश के निर्माण में जिन लोगों ने भी भूमिका अदा की संघ से उनका स्वागत किया।
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आरएसएस के कार्यक्रम में पहुंचे कई बॉलीवुड स्टार, मोहन भागवत की हर बात सुनी गौर से
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:12 AM IST
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मनीषा कोइराला और भाग्यश्री
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इस कार्यक्रम में एक्ट्रेस मनीषा कोइराला और भाग्यश्री समेत एक्टर अन्नू कपूर, गजेंद्र चौहान, रवि किशन यहां नजर आए। बता दें कि इस कार्यक्रम का विषय 'भविष्य का भारत' है। इस विषय पर कई हस्तियों के व्याख्यान होंगे।
Mohan Bhagwat
कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहना है कि आरएसएस कोई संन्यासियों का संगठन नहीं है। इसमें पुरुष और स्त्री की समान भूमिका है। यहां महिलाओं को भी बराबर की जिम्मेदारी मिलती है। भागवत ने बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान कि आरएसएस महिला विरोधी संगठन है, महिलाओं को इसमें प्रवेश नहीं करने दिया जाता, का अप्रत्यक्ष तौर से जवाब देते हुए कहा, बहुत से लोगों को मालूम नहीं है कि आरएसएस की एक महिला इकाई, जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेविका कहा जाता है, इसमें महिलाओं की ही भागेदारी होती है।
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mohan bhagwat
मोहन भागवत ने आरएसएस की आलोचना करने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा, जो हमारा विरोध करते हैं, वे भी हमारे हैं। हम केवल इतना ध्यान रखते हैं, कि वे हमें क्षति न पहुंचा सकें। विरोध गलत नहीं है, अपितु यह वस्तुस्थिति के मुताबिक होना चाहिए।
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mohan bhagwat
सरसंघचालक ने उन विरोधियों को करारा जवाब दिया है, जो आरएसएस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहते रहते हैं कि यह संगठन तो अलोकतांत्रिक है। इसमें तानाशाही का पुट बना रहता है। उन्होंने कहा, आरएसएस आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है। इसमें सभी लोगों को अपनी बात कहने का अधिकार है। हम संघ का वर्चस्व नहीं चाहते, अगर ऐसा हुआ तो यह संघ की पराजय होगी। हमारे संगठन में कदम-कदम पर सामूहिकता है।