फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ: अपने गजल से दिलों को जोड़ते थे 'शहंशाह-ए-गजल', सुनिए उनके सदाबहार नगमे

Sun, 18 Jul 2021 08:53 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: स्वाति सिंह Updated Sun, 18 Jul 2021 08:53 AM IST
विज्ञापन
Mehdi Hasan Birthday special who epitomised ghazal singing Hear his evergreen songs
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया

60 और 70 के दशक की शायद ही ऐसी कोई बड़ी फिल्म हो, जिसमें मेंहदी हसन का गाना न हो। उन्होंने अपनी दिलकश आवाज से सबको अपनी गायकी का दीवाना बना दिया था। आज उनकी जन्मतिथि है। 18 जुलाई 1927 को मेहदी हसन का जन्म राजस्थान के लूणा गांव में ही हुआ था। यहां बचपन बीता और जवानी के दिनों में भारत विभाजन के वक्त परिवार समेत पाकिस्तान चले गए थे। गजल गायिकी मेहदी को विरासत में मिली थी। दरअसल, उनके दादा इमाम खान भी बड़े कलाकार थे, जो उस समय बड़े दरबारों में गाया करते थे। इसके अलावा मेहदी के पिता भी कलाकार थे जिस वजह से गाना उनके जीवन में उनके जन्म के साथ ही आया था। 



उन्हें 'किंग ऑफ गजल' और शहंशाह-ए-गजल भी कहा जाता था। मेहदी हसन गजल के साथ-साथ ठुमरी और फिल्मी गानों के लिए भी काफी लोकप्रिय थे। आज शहंशाह-ए-गजल मेहदी हसन के जन्मदिन जंयती के मौके पर हम उनकी उन पांच गजलों की बात करेंगे, जिन्हें सुनकर आज भी लोग मदहोश हो जाते हैं। 
 

Mehdi Hasan Birthday special who epitomised ghazal singing Hear his evergreen songs
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया

'गुलों में रंग भरे वादे-नौबहार चले'
ये ही वो गजल थी, जिसने रातोंरात मेहदी हसन शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया था।

Mehdi Hasan Birthday special who epitomised ghazal singing Hear his evergreen songs
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया
रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ, आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ...। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mehdi Hasan Birthday special who epitomised ghazal singing Hear his evergreen songs
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया
मुझे तुम नजर से
इस लोकप्रिय गजल को कई कलाकारों द्वारा वर्षों से गाया जा रहा है, जिसमें सबसे उल्लेखनीय अली जफर का हालिया प्रदर्शन है।  हालांकि, कोई भी मेहदी हसन की लय को मैच नहीं कर पाया, जिनकी यह ऑरिजनल गजल।

विज्ञापन
Mehdi Hasan Birthday special who epitomised ghazal singing Hear his evergreen songs
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया

रफ्ता रफ्ता वो मेरी

इस गजल को शौकत हुसैन देहलवी ने कंपोज किया था, जबकि इस लोकप्रिय गजल को तसलीम फाजली ने अपने कलम की स्याही से तराशा था। वहीं, आवाज मेहदी हसन ने दी थी। 




 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed