{"_id":"5e686de98ebc3ec7490d9915","slug":"milind-soman-revealed-his-rss-training-and-experience","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मिलिंद सोमन ने 10 की उम्र में ज्वॉइन किया था आरएसएस, बोले- इस वजह से आता था गुस्सा","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
मिलिंद सोमन ने 10 की उम्र में ज्वॉइन किया था आरएसएस, बोले- इस वजह से आता था गुस्सा
एंटरटेनमेंट डेस्क
Published by: shrilata biswas
Updated Wed, 11 Mar 2020 11:36 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
मिलिंद सोमन आरएसएस
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
मॉडल और अभिनेता मिलिंद सोमन फिटेस्ट पर्सनालिटी में से एक हैं। इसके लिए मिलिंद कड़ी मेहनत भी करते हैं। वो बेहद अनुशासन से जीते हैं। हाल ही में मिलिंद ने खुलासा किया कि 10 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा में ट्रेनिंग ली है। उनके इस खुलासे से सोशल मीडिया पर खलबली मच गई और थोड़ी ही देर में मिलिंद ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे।
2 of 6
मिलिंद सोमन आरएसएस
- फोटो : सोशल मीडिया
मिलिंद सोमन ने अपनी 'किताब मेड इन' इंडिया में लिखा, 'एक और वाक्या जो उस वक्त हुआ था वो था आरएसएस में ज्वॉइनिंग। फिर से सारी चीजें लोकल थीं। लोकल शाखा, शिवाजी पार्क का ट्रेनिंग सेंटर, और बाबा को इस बात में बहुत ज्यादा यकीन था कि इससे एक युवा लड़के में अनुशासन, जीने के तरीके, फिटनेस और सोचने के ढंग में बड़े बदलाव आते हैं। उन दिनों हमारे करीब के ज्यादातर युवा यही किया करते थे। शिवाजी पार्क में जाना एक रूटीन था।'
3 of 6
मिलिंद सोमन आरएसएस
- फोटो : सोशल मीडिया
मिलिंद ने आगे लिखा, 'जब मैंने आरएसएस ज्वाइन किया तो काफी वक्त तो मैं एक किनारे पर ही रहा, प्रतिभावान लोगों के पीछे दबा हुआ। मुझे इस बात से गुस्सा आता था कि मेरे माता-पिता ने मुझ जैसे खुश रहने वाले बच्चे को ऐसी चीज में डाल दिया जहां काफी ताकत लगती है। मैं कभी भी इसका हिस्सा नहीं बनना चाहता था। वहां जो मेरे साथी थे वो थे एक बुजुर्ग एंग्लो-इंडियन कपल और उनका बॉक्सर वाले अंदाज में जीने का तरीका।'
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
मिलिंद सोमन आरएसएस
- फोटो : सोशल मीडिया
मिलिंद लिखते हैं कि, 'हर रोज शाम को वॉक पर जाना मेरी आदत बन गई थी। मैंने अपनी पूरी जिंदगी ये किया। आज जब मैं मीडिया में देखता हूं कि आरएसएस को सांप्रदायिक और नुकसानदेह प्रोपैगैंडा वाला कहा जाता है तो मुझे दुख होता है। मेरी यादों में शाखा की अलग यादें हैं। हम खाकी शॉर्ट्स पहनकर मार्च करते थे और योग करते थे। हम गाना गाते थे। संस्कृत मंत्र पढ़ते थे जिनका हमें मतलब भी नहीं पता होता था और अपने साथियों के साथ खेलते थे। हमें ये करते हुए बहुत मजा आता था।'
विज्ञापन
5 of 6
मिलिंद सोमन आरएसएस
- फोटो : सोशल मीडिया
मिलिंद ने कहा कि 'मेरे पिता भी आरएसएस का हिस्सा रहे हैं। उन्हें हिंदू होने पर गर्व था। हालांकि मुझे ये समझ नहीं आया कि इसमें गर्व जैसा क्या था लेकिन मैंने ये भी नहीं देखा कि इसमें शिकायत करने जैसा क्या था।'
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।