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India’s Sons Movie: उस आईपीएस अफसर की कहानी, जिसे मुख्यमंत्री ने फोन पर धमकाया और फिर लगा बलात्कार का आरोप

Tue, 26 Apr 2022 06:47 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Tue, 26 Apr 2022 06:47 AM IST
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Movie Indias Sons Mumbai screening gets standing ovation Justice B N Srikrishna speaks on misuse of rape laws
इंडियाज सन्स मूवी। - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा पश्चिम में बने एक सभागार में एक फिल्म चल रही है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। जो बताती है कि कैसे देश में सैकड़ों किशोर, युवा, वयस्क पुरुष पुलिस हवालात और जेलों में तिल तिल कर मर रहे हैं। ये वे लोग हैं जिन्हें अदालत के मुताबिक रेप केस सर्वाइवर कहा जाना चाहिए। ये वे लोग हैं जिनकी इज्जत सरे बाजार उछाल दी गई और अदालत से फैसला आने के पहले ही समाज ने उनके माथे पर बलात्कारी लिख दिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासन काल में हुए निर्भया कांड के बाद जनता का गुस्सा शांत करने के लिए आनन फानन में बदले गए कानून ने तमाम निर्दोष पुरुषों की जिंदगी नरक बना दी है। ये फिल्म समाज की इसी अंतर्धारा की कहानी कहती है। ये फिल्म देखते समय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस बी एन श्रीकृष्णा हॉल में मेरे ठीक पीछे बैठे हैं। और, वह भी फिल्म को ध्यान से देख रहे हैं। फिल्म खत्म होती है। पूरा हॉल तालियों से गूंज उठता है। लोग खड़े होकर फिल्म बनाने वालों को बधाइयां दे रहे हैं कि तभी दर्शकों के बीच से एक औसत कद काठी का एक व्यक्ति धीरे धीरे जगह बनाते हुए मंच तक पहुंचता है। वह देश में बलात्कार कानूनों के दुरुपयोग की जीवित केस स्टडी है। नाम, नितिन भारती।

Movie Indias Sons Mumbai screening gets standing ovation Justice B N Srikrishna speaks on misuse of rape laws
इंडियाज सन्स मूवी। - फोटो : Amar Ujala

जस्टिस श्रीकृष्ण ने सराहा दिल्ली से मुंबई पहुंचे नितिन भारती ने मुंबई के सेंट एंड्रूज ऑडिटोरियम में जुटे सैकड़ों लोगों के सामने जो कहा, उसे जानने से पहले देख लेते हैं कि फिल्म ‘इंडियाज सन्स’ देखने के बाद सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी एन श्रीकृष्ण ने क्या कहा? उनके शब्द हैं, “ये फिल्म बहुत ही सही तरीके से ये दिखाती है कि कैसे लोग उगाही और बदले के अपने स्वार्थपूर्ण उद्देश्यों को लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। और, ये सब हो रहा है क्योंकि पुलिस और न्यायपालिका का नजरिया उद्देश्यपरक नहीं है। महिलाओं के लिए न्याय दूसरों के अधिकारों के हनन के तौर पर नहीं होना चाहिए। बलात्कार रोकने के लिए बने कानूनों के दुरुपयोग का चेहरा दिखाने वाली इस फिल्म को बनाने वालों की मैं तारीफ करता हूं। ये ऐसी बात है जिस पर चर्चा होनी ही चाहिए और इस बात पर विचार किया जाना चाहिए कि कैसे झूठे मामलों के चलते असली पीड़ित लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से उठता जाता है।”

Movie Indias Sons Mumbai screening gets standing ovation Justice B N Srikrishna speaks on misuse of rape laws
इंडियाज सन्स मूवी। - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कहानी अरविंद भारती की अब लौटते हैं दिल्ली से आए शख्स नितिन भारती की तरफ। फिल्म ‘इंडियाज सन्स’ की निर्देशक दीपिका भारद्वाज उनका परिचय नितिन भैया के रूप में कराती हैं और बताती हैं कि नितिन के भाई अरविंद भारती से जुड़ी अखबार में छपी एक छोटी सी खबर ने ही इस फिल्म की नींव रखी। अरविंद भारती की कहानी इस फिल्म की उन तमाम कहानियों में से एक है, जो बताती हैं कि कैसे बलात्कार संबंधी कानूनों के दुरुपयोग ने युवाओं, किशोरों और शादीशुदा लोगों की जिंदगियां बर्बाद कर दी हैं। अरविंद की कहानी इन सबमें इसलिए सबसे ज्यादा दर्दनाक है क्योंकि उसने प्रेम विवाह किया था। उसने प्रेम में विवाह तो पा लिया लेकिन विवाह में प्रेम अरविंद कभी नहीं पा सका।

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Movie Indias Sons Mumbai screening gets standing ovation Justice B N Srikrishna speaks on misuse of rape laws
इंडियाज सन्स मूवी। - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कानून तो पढ़ लिया पर ... फिल्म ‘इंडियाज सन्स’ दिखाती है कि कैसे सात जन्मों तक साथ देने के वादे करने वाली पत्नी ने अरविंद को शारीरिक, मानसिक रूप से पीड़ा पहुंचाई। कानून ने साथ नहीं दिया तो अरविंद ने अपना करियर किनारे रख वकालत की पढ़ाई ही कर डाली। अपना केस खुद लड़ा। खुद को अदालत में बेगुनाह साबित करने में भी कामयाब रहा लेकिन दिल्ली पुलिस से उसका सामना होना अभी बाकी था। कानून ने साथ नहीं दिया तो अरविंद वकील बन गया। लेकिन, इस बार सिस्टम ने साथ नहीं दिया तो उससे कुछ हो नहीं सका। एक दिन तड़के उसने अपनी मोटरसाइकिल घर के सामने खड़ी की। एक लंबा सी चिट्ठी घर वालों के नाम लिखी और जाकर रेल की पटरी पर आती ट्रेन के सामने लेट गया। मरने से पहले अपनी चिट्ठी में अरविंद ने लिखा, ‘उसे सिस्टम से आस नहीं रही।’

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Movie Indias Sons Mumbai screening gets standing ovation Justice B N Srikrishna speaks on misuse of rape laws
इंडियाज सन्स मूवी। - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बलात्कार का आरोप झेलने वालों की कहानी अभिनेता व गायक करण ओबेरॉय फिल्म ‘इंडियाज सन्स’ में सूत्रधार के तौर पर दिखते हैं। उनके खिलाफ भी उनकी एक परिचित ने बलात्कार का मामला दर्ज कराया तो उन्हें जेल जाना पड़ा था। ये फिल्म बताती है कि कैसे निर्भया कांड के बाद बदले कानून के मुताबिक किसी भी महिला का ये कहना भर कि उसके साथ अमुक शख्स ने बलात्कार किया है, पुलिस के हिसाब से उस शख्स को गिरफ्तार करने के लिए काफी है। अदालत भी महिला के इस कथन को सबूत मानती है। आरोपी ने बलात्कार नहीं किया, ये साबित करने की जिम्मेदारी कानून में किए गए बदलावों ने पुरुष पर डाल दी है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर का है। फिल्म में वह ऑडियो क्लिप भी शामिल है जिसमें उस समय के मुख्यमंत्री अमिताभ ठाकुर को कथित रूप से धमका रहे हैं।
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