फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

The Black Tiger: रवींद्र कौशिक क्यों बने नबी अहमद शाकिर, बड़े परदे के लिए नए सिरे से बनेगी असली टाइगर की कहानी

Tue, 22 Nov 2022 07:19 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Tue, 22 Nov 2022 07:19 AM IST
विज्ञापन
Much Awaited Biopic of India Biggest Spy RAVINDRA KAUSHIK The Black Tiger Is Finally On The Production Stage
सलमान खान, रवींद्र कौशिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

10 साल पहले यशराज फिल्म्स के बैनर तले निर्देशक कबीर खान ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के एक काल्पनिक एजेंट टाइगर की कहानी ‘एक था टाइगर’ के नाम से बड़े परदे पर उतारी और उसके बाद से हिंदी सिनेमा में रॉ एजेंट्स की कहानी का एक सिलसिला सा चल निकला है। लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि फिल्म ‘एक था टाइगर’ की सीक्वल ‘टाइगर जिंदा है’ की रिलीज के आसपास ही उस रॉ एजेंट रवींद्र कौशिक की बायोपिक में भी सलमान खान ने काम करने के लिए हामी भरी थी, जिसके परिवार का ये आरोप रहा है कि फिल्म ‘एक था टाइगर’ दरअसल कौशिक की ही कहानी है और फिल्म के क्रेडिट में उनका नाम होना चाहिए। बात तब आई गई हो गई लेकिन देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से ‘द ब्लैक टाइगर’ का उपनाम पाने वाले इस रॉ एजेंट रवींद्र कौशिक की बायोपिक पर एक बार फिर से काम शुरू हो चुका है।

Much Awaited Biopic of India Biggest Spy RAVINDRA KAUSHIK The Black Tiger Is Finally On The Production Stage
रवींद्र कौशिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

राजकुमार गुप्ता ने खरीदे थे अधिकार
रवींद्र कौशिक की जीवनी पर फिल्म बनाने के अधिकार सबसे पहले फिल्म निर्देशक राजकुमार गुप्ता ने उनके परिजनों से हासिल किए थे। मशहूर है कि लखनऊ में एक राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता के दौरान खुफिया एजेंसियों ने एक ऐसे युवा को पहचाना जो उनके लिहाज से पाकिस्तान में उनका भेदिया हो सकता है। रवींद्र कौशिक की उम्र तब महज 21 साल की थी। एक दिन रवींद्र घर से ये कहकर निकले कि वह दिल्ली जा रहे नौकरी करने लेकिन दरअसल तब तक उनका रॉ के लिए चयन हो चुका था। दो साल की ट्रेनिंग के बाद रवींद्र अपनी नई पहचान और नए नाम नबी अहमद शाकिर के साथ पाकिस्तान चले गए। वहां उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में लॉ से स्नातक किया और पाकिस्तान की फौज में कमीशंड ऑफिसर की नौकरी पाने में सफल रहे।

Much Awaited Biopic of India Biggest Spy RAVINDRA KAUSHIK The Black Tiger Is Finally On The Production Stage
रवींद्र कौशिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

महिला एजेंट ने खोल दी पोल
रवींद्र के परिजनों के मुताबिक अपनी नई पहचान के साथ रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी सेना में आठ साल तक काम किया और इस दौरान भारतीय सेना को पाकिस्तान के बारे में तमाम ऐसी खुफिया जानकारियां मुहैया कराते रहे जिनकी बदौलत भारत को हमेशा सीमा पर बेहतर स्थिति हासिल रही। रवींद्र कौशिक की पहचान रॉ की ही एक और एजेंट इनायत मसीहा की गलती से साल 1983 में खुल गई है। कहते हैं कि इनायत को रवींद्र से मिलने के लिए भेजा गया था लेकिन वह बीच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़ गई। पूछताछ में उसने रवींद्र कौशिक का नाम भी ले लिया। इसके बाद इनायत को एक पार्क में रवींद्र को मिलने के लिए बुलाने को कहा गया और जब रवींद्र उससे मिलने आए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Much Awaited Biopic of India Biggest Spy RAVINDRA KAUSHIK The Black Tiger Is Finally On The Production Stage
रवींद्र कौशिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

पाकिस्तान में काटी लंबी जेल
परिजनों के मुताबिक साल 1983 में 29 साल की उम्र में गिरफ्तार हुए रवींद्र कौशिक को 1985 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया। इस दौरान उन्हें सियालकोट से लेकर कोट लखपत और मियांवाली जेल में रखा गया। अपने जासूसी के हुनर के चलते रवींद्र कौशिक इस दरम्यान भी अपने घरवालों को चिट्ठियां लिखने में कामयाब रहे। राजस्थान के श्रीगंगानगर के रहने वाले रवींद्र कौशिक का नवंबर 2001 में टीबी और दिल की बीमारी के चलते निधन हो गया। उन्हें न्यू सेंट्रल मुल्तान जेल में दफनाया गया।

विज्ञापन
Much Awaited Biopic of India Biggest Spy RAVINDRA KAUSHIK The Black Tiger Is Finally On The Production Stage
टाइगर जिंदा है - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सलमान खान ने बदला इरादा
रवींद्र कौशिक के भाई राजेश्वरनाथ और उनकी मां अमला देवी ने रवींद्र कौशिक की सेवाओं के सम्मान के लिए सरकार को तमाम चिट्ठियां लिखीं। लेकिन, रॉ के नियमों के मुताबिक उसके एजेंटों की पहचान किसी भी सूरत में उजागर नहीं की जा सकती। राजकुमार गुप्ता ने जब पांच साल पहले रवींद्र कौशिक की बायोपिक बनाने के अधिकार उनके परिवार से हासिल किए थे तब रवींद्र की बहन शशि वशिष्ठ ने कहा था कि इस बायोपिक को बनाने के लिए तमाम फिल्म निर्माताओं ने उनसे संपर्क किया लेकिन उन्हें राजकुमार ही इनमें से सबसे सही शख्सियत लगे। जानकारी के मुताबिक राजकुमार गुप्ता ने इस किरदार के लिए सलमान खान की स्वीकृति भी पा ली थी लेकिन पहले से ‘टाइगर’ सीरीज की फिल्मों में व्यस्त सलमान ने अपना इरादा बदल दिया। शशि के ही बेटे विक्रम ने साल 2015 में फिल्म ‘एक था टाइगर’ की कहानी अपने मामा के जीवन से प्रेरित होने की बात कही थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed