देश के सिनेमाघरों की यूनियन मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने फिल्म निर्माताओं और कलाकारों से अपील की है कि वे इस मुश्किल की घड़ी में सिनेमाघरों पर भरोसा जताएं और थिएटर अनुभव को खत्म करने की कोशिशें न करें। एसोसिएशन ने फिल्म निर्माताओं से लॉकडाउन खत्म होने तक सब्र करने को कहा है और ये भी कहा है कि वे अपनी फिल्में ओटीटी पर रिलीज न करें। कोरोना काल में मनोरंजन कंटेंट की मांग लगातार बढ़ रही है। लोग घरों में खाली हैं और वह वक्त गुजारने के लिए तेजी से डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं।
थिएटर मालिकों की फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज न करने की अपील, करण जौहर ने भी सुर से सुर मिलाया
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बीते दिनों तमाम ऐसी फिल्में देखी गई हैं जिन्हें या तो सीधे ओटीटी पर रिलीज किया गया या वक्त से पहले ही ओटीटी के हवाले कर दिया गया। इन फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मराठी फिल्म 'एबी आणि सीडी', 'बमफाड', 'अंग्रेजी मीडियम' और 'बागी 3' शुमार है। आगे भी ऐसी चर्चा चल रही है कि अगर सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज होने की संभावना नहीं दिखाई देती है तो फिल्म निर्माताओं को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही फिल्मों को रिलीज कर देना चाहिए। इस फेहरिस्त में अक्षय कुमार की फिल्म 'लक्ष्मी बॉम्ब' को लेकर भी चर्चा चल रही है। शूजित सरकार ने भी अमिताभ बच्चन-आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म 'गुलाबो सिताबो' को ओटीटी पर रिलीज करने का अंदेशा जताया।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म 'घूमकेतू' जी5 पर दस्तक देने को तैयार है। परेश रावल के बेटे आदित्य की डेब्यू फिल्म बमफाड़ सीधे ओटीटी पर ही रिलीज हुई। अब मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में इस महामारी के चलते सिनेमा सेक्टर को वित्तीय तौर पर काफी नुकसान हुआ है। देश भर में हजारों स्क्रीन्स को मजबूरी में बंद करना पड़ा है। इसके चलते सिनेमा कर्मचारियों से लेकर सिनेमाघरों में तमाम तरह की आपूर्तियां करने वालों को तमाम कष्ट उठाने पड़ रहे हैं। यह स्थिति काफी भयावाह है।
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हालात काबू में होने पर सभी स्टूडियो पार्टनर्स, निर्माताओं, कलाकारों, और कंटेंट निर्माताओं से अपनी फिल्मों को थियेटर्स में रिलीज कर सिनेमा प्रदर्शन क्षेत्र का समर्थन करने की अपील की है। उनके अनुसार जब हालात काबू में आ जाएंगे तब लोगों की मांग और नई फिल्मों के भरोसे से फिल्म इंडस्ट्री का व्यापार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो जाएगा। फिल्मों को थियेटर में देखने के अनुभव को बचाने की जरुरत है और यह सभी पक्षों के सहयोग से ही मुमकिन है।
वहीं इस मुद्दे पर फिल्मकार करण जौहर ने भी अपना पक्ष साझा किया है। उन्होंने सिनेमाघर मालिकों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, 'मैं अपने मीडिया के दोस्तों से यह निवेदन करना चाहता हूं कि वे फिल्म बिरादरी को लेकर किसी भी निर्णय पर न पहुंचे। यह व्यापार के लिए बदलता समय है और गलत खबरें सिर्फ इस परिस्थिति को बदतर ही बनाएंगे। कृपया किसी अकाउंट पर आधिकारिक खबर के लिए रुकें। यह एक नम्र निवेदन है।'
My hugest request to my media friends not to reach any assumptions on our fraternity films...these are challenging times for the business and false news only makes the situation worse! Please wait for official news on any account!! This is a humble request....