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जन्मदिन: संगीत के बेताज बादशाह थे मदन मोहन, बहन लता मंगेशकर ने उनकी मौत के बाद भी निभाया ये वादा

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: दीपाली श्रीवास्तव Updated Fri, 25 Jun 2021 12:41 PM IST
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Music Composer Madan Mohan Birthday: Know Here About Lata Mangeshkar's Rakhi Brother
मदन मोहन और लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

संगीतकार मदन मोहन के बारे में संगीतकार खय्याम का कहना है कि वे संगीत के बेताज बादशाह थे। संगीत की जितनी विविधताएं होती हैं, उन सबका उन्हें गहरा ज्ञान एवं समझ थी। जबकि उन्होंने शास्त्रीय अथवा सुगम संगीत का बाकायदा कोई प्रशिक्षण नहीं लिया था। 'आंधी', 'मदहोश', 'अंजाम' जैसी फिल्मों में संगीत देने वाले मदन मोहन जिस पहचान के हकदार थे वो उन्हें हासिल नहीं हो पाई। 25 जून 1924 यानी आज उनका जन्म इराक में हुआ था। ऐसे तो काफी कम ही लोग मदन मोहन के बारे में जानते होंगे। तो चलिए आज हम आपको मदन मोहन के जन्मदिन के खास मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से सुनाते हैं।



नरगिस की मां से सीखा था संगीत
मदन मोहन मुंबई में मैरीन लाइंस में जहां रहा करते थे वहीं बगल की कोठी नरगिस की मां जद्दन बाई की थीं। मदन मोहन रोज शाम को उनके घर जद्दन बाई का गाना सुनने जाते थे। संगीत की समझ मदन मोहन को वहां से ही मिली। इसी दौरान उनकी दोस्ती नरगिस से भी गहरी हो गई थी।

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मदन मोहन - फोटो : सोशल मीडिया

संगीतकार नहीं अभिनेता बनने का था सपना
मदन मोहन के चेहरे और उनके कद से वो एकदम हीरो की तरह दिखते थे। लंबा, गोरा, खूबसूरत तराशा हुआ चेहरा, बलिष्ठ शरीर और बुलंद आवाज। जाहिर है अपने अच्छे दोस्त राज कपूर की तरह वो भी एक अभिनेता बनना चाहते थे, पर उनके पिता ने इसके लिए सख्त मना कर दिया। वे चाहते तो बेटे को तगड़ा ब्रेक दिला सकते थे पर पिता ने यह करने के बजाय मदन मोहन को फौज में भेज दिया।

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मदन मोहन, मो. रफी - फोटो : सोशल मीडिया

फौज से ऑल इंडिया रेडियो का सफर
मदन मोहन के पिता चाहते थे कि वो फौज में भर्ती हो जाए। और उन्होंने अपने पिता की इस इच्छा को पूरा भी किया। लेकिन दो साल यहां काम करने के बाद वो फिर लखनऊ आ गए। जहां पर उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में काम करना शुरू कर दिया। यहां पर उनकी मुलाकात बेगम अख्तर, विलायत खान, तलत महमूद जैसी नामी हस्तियों से हुई। इस दौरान मदन मोहन के मन में संगीतकार बनने की चाह उठी। जब पहली बार उनके पिता ने उनका दिया संगीत सुना तो वो भावुक हो गए। बस फिर क्या था पिता ने संगीत में अपना करियर बनाने की इजाजत दे दी।

Music Composer Madan Mohan Birthday: Know Here About Lata Mangeshkar's Rakhi Brother
मदन मोहन, लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

लता मंगेशकर को बनाया था बहन
लता और मदन मोहन के रिश्ते के जुड़ने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। उस दिन रक्षाबंधन था। मदन मोहन इस बात से बेहद दुखी थे कि उनकी पहली फिल्म में लता मंगेशकर कोई गाना नहीं गा सकी थीं। मदन मोहन, लताजी को अपने घर ले आए और एक राखी देते हुए कहा- आज राखी है। इसे मेरी कलाई पर बांध दो। इसके बाद मदन मोहन ने लताजी को याद दिलाते हुए कहा- जब हम पहली बार मिले थे तब हमने भाई-बहन का ही गीत गाया था। आज से तुम मेरी छोटी बहन और मैं तुम्हारा मदन भैया। मैं वचन देता हूं, आज से तुम अपने भाई की हर फिल्म में गाओगी।

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मदन मोहन, लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

मदन मोहन की मौत के बाद भी निभाया वादा
यतीन्द्र नाथ मिश्र ने अपनी लिखी किताब ‘लता सुर गाथा’ में इस वाकये का जिक्र किया है। लता ने भाई मदन मोहन की मौत के बाद भी उनसे किया हुआ वादा पूरा किया था। दरअसल, साल 2004 में फिल्म 'वीर-जारा' में मदन मोहन के कम्पोजिशन का इस्तेमाल किया गया तब फिल्म के सारे गाने लता मंगेशकर ने ही गाए थे और हर बार की तरह भाई-बहन की इस जोड़ी ने कालजयी गीतों की रचना कर दी।

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