{"_id":"5d7f2f4e8ebc3e016025f2e6","slug":"music-composer-vanraj-bhatia-says-i-have-no-money-not-one-rupee-left-in-my-bank-account","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तंगहाली में जी रहे संगीतकार वनराज भाटिया का पहली बार आया बयान, घर का कीमती सामान बेचना पड़ रहा","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
तंगहाली में जी रहे संगीतकार वनराज भाटिया का पहली बार आया बयान, घर का कीमती सामान बेचना पड़ रहा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Mon, 16 Sep 2019 12:51 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
vanrraj bhatia
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर ऐसे किस्से सुनने को मिलते हैं, जिसमें कोई कलाकार गरीबी और गुमनामी की जिंदगी जी रहा होता है । हाल ही में फिर से एक ऐसा ही वाकया सामने आया। इस बार मशहूर संगीत निर्देशक वनराज भाटिया को लेकर खबर आई है। वनराज भाटिया को 31 साल पहले सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था । साथ ही 2012 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था । आज ये संगीतकार तंगहाली में दिन गुजार रहे हैं।
2 of 5
vanraj bhatia
- फोटो : social media
लगातार स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से उनका संपर्क बाहरी दुनिया से कट चुका है और इन दिनों उन्हें मदद की सख्त जरूरत है। 92 साल के वनराज भाटिया के बैंक में एक भी पैसा नहीं बचा है । हाल ही में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में वनराज ने अपनी हालत के बारे में बात की । वनराज को सुनने में भी दिक्कत होती है साथ ही अब उनकी याददाश्त भी कमजोर हो रही है।
3 of 5
vanraj bhatia
- फोटो : social media
वनराज ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा, 'मेरे पास बैंक में अब एक रुपये भी नहीं बचे हैं।' घर में काम करने वाला नौकर ही उनका अकेला सहारा है । अब नौबत ये आ गई है कि वो अपने घर की कीमती क्रॉकरी और कुछ अन्य सामान बेचने को मजबूर हैं । वनराज के घर पर काम करने वाले नौकर ने एक न्यूजपेपर से बात करते हुए बताया कि लंबे समय से उनका इलाज नहीं चल रहा है ।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
Vanraj Bhatia
- फोटो : social media
इस वजह से उनकी खराब सेहत के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है । कभी पड़ोसी तो कभी किसी मददगार की बदौलत वह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वनराज ने श्याम बेनेगल की कई फिल्मों जैसे अंकुर, भूमिका और टीवी सीरीज यात्रा और भारत की खोज में संगीत दिया। जीवन के इस पड़ाव पर वह अपनों से दूर हैं। अब उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है ।
विज्ञापन
5 of 5
Vanraj Bhatia
- फोटो : social media
भाटिया को उनके कुछ दोस्त, चाहने वाले और कुछ संस्थाएं वित्तीय रूप से मदद कर रही हैं ताकि वह आराम से अपना गुजर बसर कर सकें । चिकित्सीय मदद मिल सकें, घर का खर्चा और किराया निकल सकें। लेकिन यह पैसा पूरी तरह से पर्याप्त नहीं है। भाटिया का खुद का कुछ निवेश था जो साल 2000 के आस-पास शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव में खत्म हो गया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।