सब्सक्राइब करें

तंगहाली में जी रहे संगीतकार वनराज भाटिया का पहली बार आया बयान, घर का कीमती सामान बेचना पड़ रहा

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: भावना शर्मा Updated Mon, 16 Sep 2019 12:51 PM IST
विज्ञापन
music composer vanraj bhatia says I have no money not one rupee left in my bank account
vanrraj bhatia - फोटो : social media
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर ऐसे किस्से सुनने को मिलते हैं, जिसमें कोई कलाकार गरीबी और गुमनामी की जिंदगी जी रहा होता है । हाल ही में फिर से एक ऐसा ही वाकया सामने आया। इस बार मशहूर संगीत निर्देशक वनराज भाटिया को लेकर खबर आई है। वनराज भाटिया को 31 साल पहले सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था । साथ ही 2012 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था । आज ये संगीतकार तंगहाली में दिन गुजार रहे हैं। 
Trending Videos
music composer vanraj bhatia says I have no money not one rupee left in my bank account
vanraj bhatia - फोटो : social media
लगातार स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से उनका संपर्क बाहरी दुनिया से कट चुका है और इन दिनों उन्हें मदद की सख्त जरूरत है। 92 साल के वनराज भाटिया के बैंक में एक भी पैसा नहीं बचा है । हाल ही में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में वनराज ने अपनी हालत के बारे में बात की । वनराज को सुनने में भी दिक्कत होती है साथ ही अब उनकी याददाश्त भी कमजोर हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
music composer vanraj bhatia says I have no money not one rupee left in my bank account
vanraj bhatia - फोटो : social media
वनराज ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा, 'मेरे पास बैंक में अब एक रुपये भी नहीं बचे हैं।' घर में काम करने वाला नौकर ही उनका अकेला सहारा है । अब नौबत ये आ गई है कि वो अपने घर की कीमती क्रॉकरी और कुछ अन्य सामान बेचने को मजबूर हैं । वनराज के घर पर काम करने वाले नौकर ने एक न्यूजपेपर से बात करते हुए बताया कि लंबे समय से उनका इलाज नहीं चल रहा है । 
music composer vanraj bhatia says I have no money not one rupee left in my bank account
Vanraj Bhatia - फोटो : social media
इस वजह से उनकी खराब सेहत के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है । कभी पड़ोसी तो कभी किसी मददगार की बदौलत वह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वनराज ने श्याम बेनेगल की कई फिल्मों जैसे अंकुर, भूमिका और टीवी सीरीज यात्रा और भारत की खोज में संगीत दिया। जीवन के इस पड़ाव पर वह अपनों से दूर हैं। अब उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है । 
विज्ञापन
music composer vanraj bhatia says I have no money not one rupee left in my bank account
Vanraj Bhatia - फोटो : social media
भाटिया को उनके कुछ दोस्त, चाहने वाले और कुछ संस्थाएं वित्तीय रूप से मदद कर रही हैं ताकि वह आराम से अपना गुजर बसर कर सकें । चिकित्सीय मदद मिल सकें, घर का खर्चा और किराया निकल सकें। लेकिन यह पैसा पूरी तरह से पर्याप्त नहीं है। भाटिया का खुद का कुछ निवेश था जो साल 2000 के आस-पास शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव में खत्म हो गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed