फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दोस्त से 25 रुपए उधार लेकर घर से निकला था ये शख्स, फुटपाथ पर मिले मौके ने बना दिया 'संगीत सम्राट'

Sun, 05 May 2019 11:20 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Mishra Mishra Updated Sun, 05 May 2019 11:20 AM IST
विज्ञापन
music director Naushad death anniversary special
Naushad, Rafi - फोटो : social media

शायद ही किसी को भरोसा होगा कि संगीत की दुनिया में बुलंदियों पर पहुंचने वाले और फिल्मी संसार में उत्तर भारत के लोक संगीत का डंका बजवाने वाले इस शख्स को कभी मुंबई में 15 रुपये महीने पर नौकरी करनी पड़ी थी। उन्हें फुटपाथ पर भी कई रातें गुजारनी पड़ी थीं।

music director Naushad death anniversary special
Naushad Ali

नौशाद का जन्म 26 दिसंबर 1919 को लखनऊ में हुआ था। उनके पिता वाहिद अली लालबाग स्थित कंधारी लेन में रहते थे। नौशाद बाद में नक्खास में रहने लगे। वाहिद कचहरी में मुंशी का काम करते थे। इसलिए उनके नाम के साथ मुंशी जुड़ गया। 5 मई 2006 को नौशाद का निधन हो गया। उनकी पुण्यतिथि पर जानिए कुछ दिलचस्प किस्से...

music director Naushad death anniversary special
नौशाद

मुंशीजी संगीत को बकवास मानते थे। एक दिन रात में देर से घर लौटने पर जब मुंशीजी ने गुस्से में नौशाद की हारमोनियम बाहर गली में फेंक दिया और घर या संगीत में चुनने को कहा तो वह गली में फेंकी गई हारमोनियम उठाकर लखनऊ से मुंबई के लिए चल दिए। पत्रकार राकेश मंजुल बताते हैं, ‘नौशाद तो खाली जेब थे। एक दोस्त से 25 रुपये उधार लिए और मुंबई का टिकट कटाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
music director Naushad death anniversary special
naushad, lata mangeshkar - फोटो : social media

पर, मुंबई में भी उनकी शुरुआती जिंदगी भी बहुत आसान नहीं रही। भूखे पेट उन्हें कई दिन फुटपाथ पर गुजारने पड़े। हारमोनियम के साथ फुटपाथ पर जिंदगी गुजर करने के दौरान एक दिन फिल्म निर्माता एएम कारदार की नजर उन पर पड़ी। कारदार ने नौशाद की मुलाकात संगीतकार हुसैन खान से कराई और उन्हें काम देने की सिफारिश की।

विज्ञापन
music director Naushad death anniversary special
Naushad - फोटो : social media

हुसैन ने नौशाद को 15 रुपये महीने पर नौकरी दी। बाद में खुश होकर हुसैन ने उन्हें अरेंजर (वाद्य यंत्रों का संयोजन करने वाला) बना दिया और तनख्वाह भी 40 रुपये महीने कर दी। नौशाद उनके यहां प्यानो बजाते थे।’

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed