अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह में दिन दिनों जुबानी जंग चल रही है। एक इंटरव्यू में जहां नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि अनुपम खेर को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है तो वहीं इसके जवाब में अनुपम खेर ने कहा कि कुछ पदार्थों का सेवन करने की वजह से नसीरुद्दीन सही-गलत भूल गए हैं। दोनों की इस जुबानी जंग में सबी अपनी राय दे रहे हैं लेकिन ये कोई पहली बार नहीं है जब दोनों के विचारों में विरोधाभास देखा गया हो। इससे पहले भी दोनों अलग-अलग विचारधारा की वजह से जुबानी जंग कर चुके हैं।
पहले भी टकरा चुके हैं नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर, अब एक दूसरे को बताया 'जोकर' और 'कुंठित'
कश्मीरी पंडितों को लेकर
साल 2016 में अनुपम खेर ने कश्मीरी पंडितों के समर्थन में आवाज उठाई थी। उस वक्त कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर माहौल गर्माया था। इस पर नसीरुद्दीन शाह ने अनुपम पर तंज कसते हुए कहा था, 'वो व्यक्ति जो आजतक कश्मीर में नहीं रहा, वो आज कश्मीरी पंडितों के लिए लड़ रहा है। इस पर अनुपम ने नसीरुद्दीन को जवाब देते हुए लिखा था, 'तब तो लॉजिक ये बनता है कि NRI को भी भारत के बारे में बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए'।
बुलंदशहर हिंसा को लेकर
जब बुलंदशहर हिंसा को लेकर नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि कई इलाकों में हम देख रहे हैं कि गाय की मौत को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है इंस्पेक्टर की मौत से। आज गाय की जान इंसान से ज्यादा कीमती है। उन्होंने कहा था कि आज कानून हाथ में लेने की खुली छूट है। इसपर अनुपम खेर ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था- 'देश में इतनी आजादी है कि आप सेना को, एयरचीफ को गाली दे सकते हैं, जवानों पर पत्थर फेंक सकते हैं। और कितनी आजादी चाहिए?
सीएए और नागरिकता बिल को लेकर
बॉलीवुड के कई सितारे जहां नागरिकता कानून को सही बता रहे हैं तो वहीं बहुत से ऐसे भी सितारे हैं जो सीएए का एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी नागरिकता कानून के खिलाफ हैं। उन्होंने इस कानून को मुसलमान विरोधी बताया। वहीं अभिनेता अनुपम खेर इस कानून का समर्थन कर रहे हैं।
एक वेबसाइट को इंटरव्यू देते हुए नसीरूद्दीन खान ने सोशल मीडिया पर अनुपम खेर के विचारों को लेकर बड़ी बात बोली। उन्होंने कहा था कि,'मैं ट्विटर पर नहीं हूं। अनुपम खेर जैसे लोग बहुत बोलते हैं। मुझे नहीं लगता है कि उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वह एक मसखरा और चापलूस हैं। एनएसडी और एफटीआईआई में उनके समकालीन रहे लोग उनके चापलूस स्वभाव के बारे में बता सकते हैं। ये उनके खून में है, और हम उनकी मदद नहीं कर सकते हैं। वहीं बाकी लोग जो इसका विरोध कर रहे हैं उनको सोच लेना चाहिए कि उनको क्या कहना है। वहीं हमें हमारी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताने की जरूरत नहीं है, हम हमारी जिम्मेदारियां जानते हैं।' इसके बाद अनुपम खेर के एक वीडियो साझा कर कहा- अगर आप दिलीप कुमार को, अमिताभ बच्चन को, राजेश खन्ना को, शाहरुख खान को, विराट कोहली को दोषपूर्ण बता सकते हैं, उनकी आलोचना कर सकते हैं, तो मुझे विश्वास है कि मैं बढ़िया लोगों में शामिल हूं।