देश में कमर्शियल सिनेमा के बीच आर्ट सिनेमा को नई ऊंचाइयां देने वाले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने सोमवार को अपनी जिंदगी के सात दशक पूरे कर लिए। हिंदी सिनेमा में काम करते हुए उन्होंने अब तक अपने बेहतरीन किरदारों के साथ अभिनय के शानदार नमूने पेश किए हैं। तीन फिल्मफेयर पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए द वोल्पी कप भी जीत चुके हैं नसीर। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया है। उनके जन्मदिन के मौके पर उनके कुछ ऐसे बेहतरीन किरदारों के बारे में आपको बताते हैं जिन्हें देखने के बाद आप सारे एक्टिंग स्कूल भूल जाएंगे।
सीखनी है अगर एक्टिंग तो बस देख डालिए नसीरुद्दीन शाह की ये 10 फिल्में, इनके आगे सारे स्कूल फेल
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किरदार : अनिरुद्ध परमार
फिल्म : स्पर्श (1979)
सईं परांजपे के निर्देशन में बनी इस फिल्म को इसके मुख्य कलाकार नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी के अभिनय के लिए ही याद किया जाता है। इन दोनों ने इस फिल्म में अंधों के किरदार निभाए हैं। फिल्म के नाम के हिसाब से यह अंधे लोग सिर्फ एक दूसरे के स्पर्श से ही प्यार कर बैठते हैं। कुछ कारणों की वजह से यह फिल्म भले ही लगभग चार साल बाद रिलीज हुई हो लेकिन फिर भी इस फिल्म के लिए नसीरुद्दीन शाह को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए उन्हें नामांकन भी मिला।
किरदार : भास्कर कुलकर्णी
फिल्म : आक्रोश (1980)
गोविंद निहलानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी, अमरीश पुरी और स्मिता पाटिल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। मूल रूप से यह एक मजदूर की कहानी है जो अपने साथ हर रोज घट रही घटनाओं के बाद भी चुप रहता है। बाद में जब उसे अपना गुस्सा दिखाने का मौका मिलता है तो वह बेहद आक्रोशित हो जाता है। नसीरुद्दीन इस फिल्म में एक वकील की भूमिका में नजर आए हैं। फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
किरदार : लुक्का
फिल्म : चक्र (1981)
छोटे बजट की लगातार शानदार कहानियों पर आधारित फिल्मों में काम कर रहे नसीरुद्दीन शाह की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से यह फिल्म भी एक है। इस फिल्म में वह एक दलाल और उठाईगिरा लुक्का के किरदार में नजर आए। बेशक उसका धंधा गंदा है लेकिन लुक्का का दिल बहुत साफ होता है। इस फिल्म में भी नसीरुद्दीन ने बेहतरीन अभिनय कर दिखाया है। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया।
किरदार : डीके मल्होत्रा
फिल्म : मासूम (1983)
नसीरुद्दीन शाह की इस फिल्म से हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता व निर्देशक शेखर कपूर ने निर्देशन में अपने करियर की शुरुआत की है। यह एक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है जिसमें नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, सुप्रिया पाठक आदि कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। नसीरुद्दीन का किरदार डीके मल्होत्रा पहले से ही दो लड़कियों का पिता होता है। उसे बाद में पता चलता है कि पुराने समय में जब अपने काम से वह नैनीताल गया था, उस वक्त एक औरत के साथ मिलन से उसका एक लड़का और हो चुका है। यहां से उसकी जिंदगी में उथल-पुथल शुरू हो जाती है। इस फिल्म में नसीरुद्दीन के अभिनय को खूब सराहना मिली। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।