बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपनी एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। मगर, इसके साथ-साथ वह कई बार अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर अपनी टिप्पणी से नसीरुद्दीन शाह सुर्खियों में हैं। दरअसल, नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी पर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि इस मामले में देर से कार्रवाई की गई। विवादित टिप्पणी की निंदा करने में पार्टी को एक हफ्ते का समय लग गया। इतना ही नहीं, इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री पर सवाल उठा दिया। नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी अगर समाज में फैल रही नफरत को रोकना चाहते हैं तो उन्हें आगे आना चाहिए।' बातचीत के दौरान उन्होंने इस पूरे विवाद के लिए न्यूज चैनल और सोशल मीडिया को जिम्मेदार माना। इससे पहले भी नसीरुद्दीन शाह अपनी टिप्पणी और बयानों से चर्चा में आए हैं। आइए जानते हैं उनके ऐसे ही चर्चित बयान...
Naseeruddin Shah: कभी कहा- भारत में लगता है डर, तो कभी पीएम से लगाई पहल की गुहार; पढ़िए अभिनेता के चर्चित बयान
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धर्म संसद पर उठाया था सवाल
नसीरुद्दीन शाह का विवादों से पुराना नाता रहा है। बीते साल दिसंबर में अभिनेता मुसलमानों के जनसंहार पर की गई टिप्पणी की वजह से चर्चा में आए थे। उन्होंने 17 से 19 दिसंबर तक हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हम 20 करोड़ लोग इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे। यह हमारी मातृभूति है। हम यहीं के हैं, हमारा परिवार और पीढ़ियां यहीं की हैं, हम बुर्जुग यहीं की मिट्टी में मिले हैं। हम 20 करोड़ लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
मुगलों के योगदान को बताया अहम
इतना ही नहीं दिग्गज अभिनेता ने भारत में कथित तौर पर मुगलों द्वारा किए गए अत्याचारों के इतर उनके इतिहास को गौरवशाली बताया था। उन्होंने कहा था कि मुगलों ने देश को संगीत, नृत्य जैसी कला दी है। कई ऐतिहासिक स्मारक, इमारत आज भी मुगल काल के गौरव को बयां करती हैं। मुगलों का योगदान अहम है। अब उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लव जिहाद कानून, समाज को बांटने वाला अभियान
लव जिहाद कानून पर टिप्पणी करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि 'लव जिहाद' के नाम पर चलाया जा रहा अभियान एक तमाशा है। ताकि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सामाजिक संपर्क को रोका जा सके। जिन लोगों ने यह मुहावरा गढ़ा है, वे जिहाद का मतलब ही नहीं जानते। मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस बात को मानेगा कि एक दिन इस देश में मुसलमानों की आबादी हिंदुओं से आगे निकल जाएगी।'
भारत में लगता है डर
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि मुझे आज के भारत से डर लगता है। अपने बच्चों के लिए चिंता होती है। आज के माहौल को देखते हुए, मैं एक ऐसी स्थिति की कल्पना करता हूं, जहां मेरे बच्चों को क्रोधित भीड़ ने घेर लिया है और उनसे पूछ रहे हैं कि "क्या आप हिंदू हो या मुस्लिम? मेरे बच्चों के पास कोई जवाब नहीं होगा। क्योंकि हमने अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा दी ही नहीं है। मैं मुसलमान हूं और मेरी वाइफ हिंदू। धर्म के नाम पर भारतीय समाज में "जहर" फैलाया जा रहा है।