नए साल के मौके पर रिलीज होने जा रही फिल्म 'रामप्रसाद की तेरहवीं' के अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने चाहने वालों से गुजारिश कर रहे हैं कि वह उनकी इस फिल्म को सिनेमाघरों में जाकर जरूर देखें। फिल्म 'रामप्रसाद की तेरहवीं' को अभिनेत्री सीमा पाहवा ने निर्देशित किया है। एक निर्देशक के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है और नसीरुद्दीन का कहना है कि सीमा ने इस फिल्म में अपने अनुभवों को जोड़ा है।
साल के पहले ही दिन तेरहवीं की दावत, नसीरुद्दीन शाह ने कहा- सीमा पाहवा की फिल्म देखने जरूर आना
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अपने प्रशंसकों से गुजारिश करते हुए नसीरुद्दीन शाह कहते हैं, 'मैं दर्शकों के लिए यह सुनिश्चित कर देना चाहता हूं कि सिनेमाघर खुल चुके हैं और हम उन में प्रस्तुति भी दे रहे हैं। बैठने की क्षमता 50 फीसदी तक ही रखी गई है और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है। कोरोना वायरस जैसी बीमारी से बचने के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम अपनाए जा रहे हैं। इसलिए जरूरत है कि आप सभी अपने घरों को छोड़ें और हमारी फिल्म 'रामप्रसाद की तेरहवीं' को एक मौका दें। मैं समझता हूं कि महत्वपूर्ण फिल्म वह होती है जो अपनी दुनिया और अपने जमाने की सच्ची तस्वीर खींचे। और, यह फिल्म वैसी ही है।'
फिल्म 'रामप्रसाद की तेरहवीं' के लिए नसीरुद्दीन ने आगे कहा, 'सीमा ने इस फिल्म में बहुत से अपने अनुभव जोड़े हैं जो आपको सिर्फ एक फिल्म की तरह दिखेंगे। यहां एक परिवार में एक मौत होती है लेकिन इस मौके पर पूरे परिवार के सदस्यों के मिलने पर स्थितियां थोड़ी अलग होती हैं एक बहुत ही अजीब सा माहौल होता है जहां लोग समझ नहीं पाते कि उन्हें हंसना चाहिए या फिर रोना! यह कहानी उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर की है जो आप पर निश्चित ही एक असर डालेगी। यह फिल्म आप को सिनेमाघरों में जाकर देखनी ही चाहिए क्योंकि इसकी कहानी भी बिल्कुल जिंदगी की तरह ही है। थोड़ी विचित्र, थोड़ी खुशमिजाज और थोड़ी दुख भरी।'
फिल्म 'रामप्रसाद की तेरहवीं' को जियो सिनेमा पूरे देश के सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी कर रहा है। मुंबई फिल्म फेस्टिवल में हुए प्रीमियर पर इस फिल्म को लोगों ने काफी सराहा था। सीमा पाहवा ने हाल ही में हुए ओटीटी फिल्मफेयर अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार भी जाती है। बतौर निर्देशक उनकी इस पहली फिल्म फिल्म में नसीरुद्दीन शाह के अलावा विनय पाठक, विक्रांत मेस्सी, कोंकणा सेन शर्मा, विनीत कुमार, मनोज पाहवा, सुप्रिया पाठक, परमब्रत चट्टोपाध्याय जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
देश में सिनेमाघरों के खुलने के बाद हिंदी फिल्मों के मामले में सबसे पहले रिलीज हुई फिल्म 'सूरज पे मंगल भारी' दर्शकों को आकर्षित नहीं कर सकी। इस कसौटी पर कियारा आडवाणी की फिल्म 'इंदु की जवानी' भी विफल रही। हालांकि क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'टेनेट' को बहुत अच्छे दर्शक मिले और अनलॉक के बाद टिकट बिक्री के मामले में ये फिल्म फिलहाल नंबर वन है। शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म 'वंडर वूमन 1984' का हाइप काफी रहा है, दर्शक भी इसे अब तक ठीक-ठाक ही मिले हैं। अब नसीरुद्दीन शाह चाहते हैं कि उनकी इस फिल्म को भी दर्शक प्यार दें।
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