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'दो गज जमीन के नीचे' से शुरू हुआ था रामसे ब्रदर्स का सफर, हॉरर फिल्मों से बनाया खास मुकाम

बीबीसी हिंदी Published by: Mishra Mishra Updated Tue, 29 Dec 2020 07:44 PM IST
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Ramsay Brothers Director of Hindi Horror Films  Know The Full Story
रामसे ब्रदर्स - फोटो : फाइल

चूंकि रामसे ब्रदर्स के पिता फतेहचंद रामसिंघानी का नाम लेने में अंग्रेजों को दिक्कत होती थी इसलिए उन्होंने रामसे नाम दे दिया। फतेहचंद के सात बेटों ने मिलकर रामसे को हॉरर का ब्रैंड बनाया। रामसे ब्रदर्स ने रुपहले परदे पर ऐसा खौफ बिखेरा कि वो इस जॉनर के मास्टर बन गए। 70 और 80 के दशक में रामसे ब्रदर्स ने करीब 45 फिल्में बनाईं। मनोरंजन की दुनिया में हॉरर है तो रामसे ब्रदर्स हैं और रामसे ब्रदर्स हैं तो हॉरर है।



आज की युवा पीढ़ी को लक्ष्मी, स्त्री, भूल भुलैया जैसी फ़िल्में पसंद हैं जिन्हें हॉरर कॉमेडी जॉनर के नाम से जाना जाता है। आज के कुछ युवा दर्शक रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्मों को अटपटा भी मानते हैं मगर ये कहना भी गलत नहीं होगा कि हर दौर में दर्शकों की पसंद बदलती है। उस जमाने में रामसे बंधुओं ने हॉरर जॉनर को अलग मुकाम तक पहुंचाया और अपना एक ऐसा ब्रैंड बनाया जो हमेशा जिंदा रहेगा।

श्याम रामसे की बेटी साशा श्याम रामसे ने आज और गुजरे हुए दौर की हॉरर फिल्मों की तुलना और पसंद के बारे में बात करते हुए कहा, "आजकल जागरूकता बढ़ गई है। बहुत सारे माध्यम हो गए हैं जहां अलग-अलग फिल्में लोग देखते हैं। आजकल 10 साल का बच्चा भी बोल देता है कि ये ठीक नहीं लग रहा मगर वो दौर अलग था। उस दौर में हमारी फिल्मों को बड़ी सफलता मिली और आज भी दर्शक उन्हें देखते हैं। हाउस पार्टी में कई जगह मैं गई हूं जहां लोग पुरानी रामसे ब्रदर्स की डरावनी फिल्में लगा कर देखते हैं। हमने अभी हाल में एक पार्टी में दोस्त के यहां 'वीराना' देखी।"

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रामसे ब्रदर्स - फोटो : फाइल

हॉरर फिल्मों में मुकाम
रामसे बंधुओं के साथ पुराना मंदिर सहित तीन फिल्में कर चुकी अभिनेत्री आरती गुप्ता सुरेन्द्रनाथ कहती हैं, "पुराना मंदिर के लिए आज भी लोग पागल हैं। मधुर भंडारकर, अनुराग कश्यप जैसे लोग उस फिल्म के फैन हैं। अनुराग कश्यप तो पुराना मंदिर की टी शर्ट बनवा कर पहनते हैं।"

वहीं रामसे बंधुओं के साथ तीन हॉरर फिल्में करने वालीं अभिनेत्री कुनिका लाल का मानना है, "उस समय तकनीक की कमी थी। उस समय इतना एक्सपोजर नहीं था सोशल और डिजिटल मीडिया का। हॉलीवुड सहित अब पूरी दुनिया की फिल्में या कंटेंट लोग देखते हैं और उससे तुलना होने लगती है। आज की तकनीक और टेस्ट भी बदला है और यही वजह है कि उन फिल्मों के दृश्य बचकाने लगते हैं। मगर उस समय की तकनीक और टेस्ट के हिसाब से वो बेहतरीन फिल्में थीं और अच्छी लगती थीं। उस समय सचमुच में रामसे ब्रदर्स की फिल्मों से दर्शक डरते थे।"

रामसे ब्रदर्स ने हॉरर जॉनर में ऐसा मुकाम बनाया कि अब उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए अजय देवगन जैसे अभिनेता और फिल्मकार ने राइट्स लिए हैं। रामसे बंधुओं पर बनने वाली फिल्म से आज के वो युवा भी उनके जीवन और उनके हॉरर ब्रांड के बारे में जानेंगे जिन्होंने उनकी फिल्में नहीं देखी हैं।

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अजय देवगन - फोटो : फाइल

तुलसी रामसे के बेटे दीपक रामसे ने बताया कि "रामसे ब्रदर्स पर अजय देवगन बड़ी फिल्म या वेब सीरीज बना रहे हैं। अजय देवगन को निर्णय लेना है कि वो फिल्म या वेब सीरीज में क्या बना रहे हैं। इसे 2021 में रिलीज करने की योजना है। इसके बनने के बाद वो युवा भी रामसे ब्रदर्स को जानेंगे जिन्होंने रामसे की फिल्में नहीं देखी हैं।"

इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए रामसे ब्रदर्स के पिता फतेहचंद रामसे ने बुनियाद रखी। पाकिस्तान के लाहौर और कराची में फतेहचंद रामसे का रेडियो का कारोबार था। बंटवारे के समय वो अपने परिवार को लेकर मुंबई आ गए। मुंबई में उन्होंने रेडियो की दुकान की। फतेहचंद रामसे के सात बेटे थे जिनमें कुछ रेडियो अच्छे से बनाना जानते थे। उनकी एक टेलरिंग और गारमेंट की दुकान भी थी। घर की रोजी रोटी चलाने के लिए या जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके पास सब कुछ था मगर फतेहचंद नहीं चाहते थे कि उनके बेटे इन दुकानों को चलाएं या ये काम करें। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आना था। फतेहचंद को फिल्मों का शौक था।

1954 में रिलीज हुई फिल्म "शहीद-ए आजम भगत सिंह" सहित कुछ फिल्मों को शुरुआत में फाइनेंस किया और फिर 1964 में फिल्म "रुस्तम सोहराब" का निर्माण किया।

दीपक रामसे कहते हैं, "इस ऐतिहासिक फिल्म को बनाने में समय लगा और पैसे भी ज्यादा लगे इसलिए कुछ खास मुनाफा नहीं हुआ। उस समय दादा को तकलीफ इस बात की होती थी कि निर्देशक और टेक्नीशियन अपने तरीके से काम करते थे और परेशान करते थे। तभी दादाजी को लगा कि उनका अपना कोई होता जो उनके साथ होता, और तभी उन्होंने अपने बेटों को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी।"

Ramsay Brothers Director of Hindi Horror Films  Know The Full Story
रामसे ब्रदर्स की फिल्में - फोटो : फाइल

फिल्मों की ट्रेनिंग
उस समय फतेहचंद रामसे अपने पूरे परिवार को लेकर कश्मीर गए और दो महीने के लिए हाउस बोट बुक किया। वहां एक किताब थी "5 सीज ऑफ सिनेमेटोग्राफी।" अपने बेटों को उस किताब को पढ़ाया। उसके बाद फिल्म मेकिंग के हर पहलू की ट्रेनिंग दी जिसमें संगीत भी शामिल था। मुंबई वापस आने के बाद फतेहचंद रामसे ने अपने बेटों को फिल्म मेकिंग सिखाने के लिए एक फिल्म शुरू की मगर निर्देशक और टेक्नीशियन ने उनके बेटों के साथ सिर्फ जूनियर की तरह व्यवहार किया और ठीक से नहीं सिखाया।

अपने बेटों को सिखाने के जुनून को फतेहचंद रामसे ने चुनौती की तरह लिया और पहली फिल्म सिंधी भाषा में बनाई जिसका नाम "नकली शान" था। इस फिल्म में सातों भाइयों ने साथ काम किया। कैमरामैन थे गंगू रामसे। तुलसी रामसे और श्याम रामसे ने निर्देशन की कमान संभाली। लेखक बने कुमार रामसे। साउंड इंजीनियर थे किरण रामसे। एडिटिंग की अर्जुन रामसे ने। और इस तरह रामसे ब्रदर्स ने अपने-अपने काम और जिम्मेदारियों को बांटा और शुरू हुआ रामसे बंधुओं के साम्राज्य को बनाने का।

साशा रामसे कहती हैं, "दादाजी की सोच अलग थी जिन्होंने सोचा कि हमारे बेटे हैं और इन्हें हम क्रिकेट टीम की तरह फिल्म मेकिंग के हर क्षेत्र में तैयार करेंगे। दादाजी ने ट्रेनिंग के बाद बाहर के किसी टेक्नीशियन को नहीं बुलाया क्योंकि उन्होंने अपनी टीम बना ली थी। पिता के नाते उन्होंने अपने सभी बेटों की काबिलियत को पहचाना और उस हिसाब से तराशा।"

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दो गज जमीन के नीचे - फोटो : फाइल

रामसे बंधुओं ने एकजुट होकर काम शुरू किया और फिल्म बनाई "नन्हीं मुन्नी लड़की"। ये फिल्म सफल नहीं हुई मगर इस फिल्म के एक दृश्य ने, जहां पृथ्वी राज कपूर एक भूत का मास्क पहन कर लड़की को डराते हैं, खूब वाहवाही बटोरी। इस एक सीन ने रामसे बंधुओं को प्रेरणा दी भुतही और डरावनी फिल्म बनाने के लिए। उसके बाद हॉरर फिल्म बनाई "दो गज जमीन के नीचे।"

साढ़े तीन लाख रुपये के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म की शूटिंग 40 दिनों में मुकम्मल हुई। इस फिल्म ने रिलीज होने के बाद तहलका मचा दिया और 45 लाख रुपये का कारोबार किया। फिल्म "दो गज जमीन के नीचे" के बाद रामसे ब्रदर्स ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हॉरर फिल्मों का सफर शुरू हुआ।

दीपक रामसे कहते हैं कि "उस समय 'दो गज जमीन के नीचे' सबसे कामयाब फिल्मों में से एक थी जो रामसे बंधुओं के लिए गेम चेंजर थी। इस फिल्म के बाद तय किया गया था कि अब कोई और जॉनर की फिल्म नही बनाएंगे। सिर्फ और सिर्फ डरावनी फिल्म ही बनाएंगे और इस जॉनर को बेहतर बनाएंगे।"

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