‘हम दर्शकों को हल्के में लेते हैं’, अनुभव सिन्हा ने बताया बॉक्स ऑफिस पर क्यों असफल रही ‘अस्सी’? ये रहे कारण
Anubhav Sinha On Assi Failure: अनुभव सिन्हा ने ‘अस्सी’ के बॉक्स ऑफिस पर न सफल हो पाने के कारणों पर बात की। उन्होंने बताया कि इसके पीछे क्या वजह रही? जानिए निर्देशक ने फिल्म के कलेक्शन को लेकर क्या कुछ कहा…
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अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘अस्सी’ सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर स्ट्रीम कर रही है। भारत में होने वाले दुष्कर्म जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित इस फिल्म को क्रिटिक्स से जमकर सराहना मिली थी। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर फिल्म वो कमाई नहीं कर सकी, जिसकी मेकर्स को उम्मीद थी। अब हाल ही में निर्देशक अनुभव सिन्हा ने समीक्षकों द्वारा मिली फिल्म की सराहना पर बात की। साथ ही उन्होंने ये भी समझाया कि आखिर क्यों ‘अस्सी’ बॉक्स ऑफिस पर वैसी कमाई नहीं कर पाई।
फिल्म को मिली प्रतिक्रियाओं से खुश हैं निर्देशक
इंडिया टुडे के साथ बातचीत के दौरान अनुभव सिन्हा ने ‘अस्सी’ को मिली पॉजिटिव प्रतिक्रियाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगों ने मैसेज, डीएम और रीलों के माध्यम से प्रशंसा की है। मैसेज भेजने का तरीका बदल गया है। जब तक लोग सकारात्मक बातें कह रहे हैं, मैं खुश हूं।
फिल्म के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे हमेशा से उम्मीद थी कि 'अस्सी' 'थप्पड़' की तरह चर्चाओं को जन्म देगी। यही कारण है कि मैं ये फिल्में बनाता हूं। हो सकता है मेरे पास सभी जवाब न हों, लेकिन समाज मुझसे कहीं ज्यादा जानता है।
अगर लोग इन मुद्दों पर बात करेंगे, तो उन्हें सवाल और जवाब दोनों मिल जाएंगे। उद्देश्य तो उन्हें प्रभावित करना था, लेकिन इसने उन्हें मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रभावित किया है।
अब बाहर निकलने और सिनेमाघरों में जाने की आदत बदल गई
क्या दर्शक ऐसे गंभीर मुद्दों और विषयों के लिए तैयार हैं? इस सवाल पर अनुभव सिन्हा ने कहा कि हम अपने दर्शकों को हल्के में लेते हैं। उनकी पसंद बहुत अलग-अलग है। यह एक ऐसा देश है जहां प्रकाश मेहरा, मनमोहन देसाई, गोविंद निहलानी, श्याम बेनेगल और बसु चटर्जी जैसे फिल्म निर्माता एक ही समय में सफल हुए।
यह भारतीय दर्शकों की विविधता को दिखाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि बदलती आदतों का असर सिनेमाघरों में जाने पर पड़ा है। अब बाहर जाना कम हो गया है क्योंकि यह कम सुविधाजनक हो गया है। यह सिर्फ सिनेमा तक ही सीमित नहीं है; खरीदारी की आदतें भी बदल गई हैं। लोगों के पास अब घर पर ही आसान विकल्प मौजूद हैं।
12 लाख लोगों ने सिनेमाघरों में देखी ‘अस्सी’
फिल्म के कलेक्शन के बारे में बात करते हुए निर्देशक ने कहा कि सफलता सापेक्ष है। इस तरह की फिल्म के लिए व्यावसायिक सफलता बहुत महत्वपूर्ण है। ये फिल्में बनाना और देखना मुश्किल होता है, इसलिए स्वाभाविक रूप से आर्थिक रूप से इन्हें सफल बनाना भी कठिन होता है। लेकिन यह एक ऐसा चुनाव है जो आप करते हैं और आपको इसके साथ जीना पड़ता है।
आप चांद के बारे में सोचते हैं, यह जानते हुए भी कि चांद मिलना संभव नहीं है। लेकिन ‘अस्सी’ उम्मीद से भी कम रही। यह भव्य तो नहीं बनी, लेकिन सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों की संख्या के लिहाज से भी यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। फिर भी 12 लाख से अधिक लोगों ने सिनेमाघरों में फिल्म देखी, जो बेहतर है।
कुछ प्रतिक्रियाओं ने प्रभावित किया फिल्म का कलेक्शन
फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर सफल न हो पाने के कारणों पर बात करते हुए निर्देशक ने कहा कि कई समीक्षाएं, हालांकि सकारात्मक थीं, लेकिन उनमें ‘परेशान करने वाली’ या ‘दिल दहला देने वाली’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। मुझे लगता है कि यही फिल्म के लिए बाधक साबित हुआ। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं ने भी धारणा को प्रभावित किया। लोगों ने कहा, ‘यह सबके लिए नहीं है’ या ‘अगर आप संवेदनशील हैं तो इसे न देखें’।
एक तरह से इसने फिल्म के खिलाफ काम किया। हालांकि, फिल्म की प्रशंसा ने भी मदद की। ‘महत्वपूर्ण फिल्म’, ‘महत्वपूर्ण कहानी’ जैसे शब्द और कलाकारों के एक्टिंग की तारीफ ने लोगों को आकर्षित किया। इस तरह की फिल्मों के लिए लोग समीक्षाओं पर निर्भर रहते हैं। मुख्यधारा की फिल्मों के मामले में, मिली-जुली समीक्षाएं भी दर्शकों को रोक नहीं पातीं।
ओटीटी पर स्ट्रीम कर रही है ‘अस्सी’
सिनेमाघरों के बाद अब ‘अस्सी’ ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम कर रही है। यह फिल्म भारत में लगातार होने वाले दुष्कर्म जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित है। फिल्म में तापसी पन्नू, कनी कुश्रुति, जीशान अय्यूब, कुमुद मिश्रा, मनोज पाहवा, सुप्रिया पाठक, रेवती और नसीरुद्दीन शाह प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।

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