बॉलीवुड के कई सितारे ऐसे हैं जिनकी निजी जिंदगी के किस्से किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगते। ऐसा ही एक किस्सा बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार नसीरुद्दीन शाह से जुड़ा हुआ है जब उनकी जान जाने की नौबत आ गई थी। नसीरुद्दीन और दिवंगत अभिनेता ओम पुरी कॉलेज के दिनों से दोस्त थे। आज ओमपुरी इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी कमी नसीर को हर दिन महसूस होती है। ये बात उन्होंने अपनी किताब में भी बताई थी। कॉलेज के दिनों की वो दोस्ती इंडस्ट्री में करियर बनाने तक और मजबूत हो गई थी। ओम पुरी नसीर को अपना जिगरी दोस्त मानते थे और नसीर भी उनकी दोस्ती की कीमत समझते थे। हालांकि ओम पुरी सिर्फ नसीर के दोस्त नहीं थे बल्कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब वो उनके जीवनदाता भी बन गए थे। आपको बताते हैं क्या था वो किस्सा।
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ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह
- फोटो : सोशल मीडिया
नसीरुद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा 'एंड देन वन डेः अ मेमोयर' में अपने साथ हुए एक हादसे का जिक्र किया था। ओम पुरी और नसीरुद्दीन शाह की दोस्ती एनएसडी के समय से थी। यहां उन्होंने चार साल एक्टिंग की पढ़ाई की थी। इसके बाद एफटीआईआई पुणे में दोनो साथ पढ़े थे। 1976 में जब ओम मुंबई शिफ्ट हुए तो उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के साथ एक एड फिल्म में भी काम किया।
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ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह
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श्याम बेनेगल जब अपनी फिल्म 'भूमिका' का निर्देशन कर रहे थे तब एक ऐसा वाक्या हुआ था जिसने इन दोनों की दोस्ती को और मजबूत कर दिया था। एक बार हुआ यूं कि फिल्म के सेट के पास एक ढाबे पर बैठ कर नसीरुद्दीन और ओम पुरी खाना खा रहे थे। इसी बीच ओम ने देखा की एनएसडी और एफटीआईआई में उनके साथ पढ़ने वाला नसीरुद्दीन शाह का एक अच्छा दोस्त जसपाल तेजी से उनकी ओर आ रहा है। इसके बाद उनके पास पहुंचते ही उसने किसी चीज से तेजी से नसीरुद्दीन शाह पर वार कर दिया।
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ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह
- फोटो : सोशल मीडिया
ये हमला इतनी तेजी से हुआ कि दो सेकेंड तक किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।वहीं जब जसपाल ने नसीरुद्दीन शाह को मारने के लिए दोबारा हाथ उठाया तो ओम पुरी ने देखा कि उसके हाथ में चाकू है। इससे पहले कि वो चाकू से नसीरुद्दीन शाह पर हमला करता ओम ने उसके हाथ पकड़ लिए। जसपाल को पकड़े रहना ओम पुरी के लिए आसान नहीं था, लेकिन दोस्त की जान बचाने के लिए उन्होंने जसपाल को जाने नहीं दिया। इसके बाद खून में नहाए हुए नसीरुद्दीन शाह बाहर भागे और फिर पुलिस आ गई। पुलिस जसपाल को वहां से ले गई और इस तरह से ओम पुरी ने नसीरुद्दीन शाह की जान बचाई।
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नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी
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नसीरुद्दीन शाह बताते हैं कि जसपाल जिसे वो अपना दोस्त समझते थे वो उनकी सफलता से जलने लगा था। ऐसे में उसने ये हरकत की थी। नसीरुद्दीन ने ये भी बताया था कि ओम पुरी ने उस वक्त बिना किसी की अनुमति लिए पुलिस की गाड़ी में उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। वो अपने दोस्त की जान बचाने के लिए कुछ भी कर सकते थे। अभिनेता ओम पुरी का साल 2017 में निधन हो गया था और वो हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ कर चले गए थे।