हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग और ठोस पहचान बना चुके अभिनेता पंकज त्रिपाठी रहते भले मुंबई में हों, लेकिन यहां भी अपने साथ एक गांव लिए फिरते हैं। सेट पर हों, प्रेस कांफ्रेंस में हों या दूसरे चर्चित कलाकारों के साथ हों, किसी अपने का फोन आ जाए तो बातें अब भी भोजपुरी में ही करते हैं। नीयत के सच्चे और इरादों के अटल पंकज त्रिपाठी ने यहां मुंबई के मड आइलैंड में घर बना रखा है।
Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी ने मुंबई के बंगले में बसा लिया गांव, बोले, इतनी लौकी रोज निकलती है कि पूछो मत!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगला सरीखा ये घर दरअसल पंकज की खेती किसानी की दिलचस्पी के लिए बहुत मुफीद है। फिल्म ‘फुकरे 3’ के कलाकारों के एक वीडियो इंटरव्यू के लिए हुई मुलाकात में वह बताते हैं, ‘हमारे घर में आपको पूरा गांव जैसा ही माहौल मिलेगा। हमने खूब सारे पेड़ पौधे लगाए हैं। खूब पपीता है। चीकू के पेड़ों पर तो इन दिनों इफरात में फल लदे हुए हैं। किसिम किसिम के पौधे मिलेंगे आपको मेरे यहां।’
इसे भी पढ़ें- Ayushmann Khurrana: आयुष्मान को मिला साउथ इंडस्ट्री से फिल्म का ऑफर, पसंदीदा निर्देशक संग डेब्यू करेंगे एक्टर!
और, सब्जी वगैरह? पंकज त्रिपाठी का चेहरा सब्जी का नाम सुनते ही खिल जाता है, ‘भैया, हम तो अपनी खुद की उगाई सब्जी ही खाते हैं। वो क्या कहते हैं, बिल्कुल ऑर्गेनिक। भिंडी, तोरई, बैंगन खूब उगाते हैं, इन दिनों लौकी हरियाई हुई है। इतनी लौकी रोज निकलती है कि पूछो मत। खुले में दाल बाटी चोखा भी हम लोग खूब बनाते हैं और वहीं चारपाई डालकर बहुत मजे से खाते हैं।’
गौरतलब ये भी है कि फिल्म ‘फुकरे’ में पंकज त्रिपाठी का काम सिर्फ हफ्ते भर का था लेकिन जैसे जैसे ये फ्रेंचाइजी आगे बढ़ती गई, पंकज के सितारे भी बुलंद होते गए। अब ‘फुकरे 3’ में उन्होंने करीब 55 दिन की शूटिंग की है। वह कहते भी हैं, ‘पहली वाली फिल्म में मैंने दरबान की भूमिका निभाई थी, अब मैं इस पूरी फिल्म का दरबान हूं।’ पंकज त्रिपाठी और फिल्म के बाकी सितारों का ये वीडियो इंटरव्यू जल्द ही अमर उजाला डॉट कॉम पर प्रसारित होगा।
पंकज त्रिपाठी की एक और आने वाली फिल्म ‘मैं अटल हूं’ को लेकर भी उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिलता है। पंकज बताते हैं, ‘पिताजी के निधन पर मैं गांव में था तो उनको श्रद्धांजलि देने आने वालों में सूबे के सभी पार्टियों के नेता शामिल थे। अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व ऐसा रहा है कि उनकी शख्सियत के कायल सारे दल रहे हैं। सबने मुझसे तमाम बातों के अलावा इस फिल्म के बारे में भी जरूर बात की और सबका यही कहना था कि वे इस फिल्म का बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’