इस हफ्ते नवाजुद्दीन सिद्दीकी की रुकी हुई फिल्म धूमकेतु रिलीज होनी थी। परंतु मीटू मूवमेंट को हैशटैग करते हुए पूर्व मिस इंडिया अभिनेत्री निहारिका सिंह ने नवाज के बारे में ऐसी बातें खोल दीं कि निर्माताओं ने फिल्म रोक ली। नवाज की साधारण इंसान और बेहतरीन कलाकार वाली छवि पिछले कुछ समय में संकटग्रस्त हुई है। क्या 2019 में उनकी आने वाली ठाकरे इससे प्रभावित हुए बिना रहेगी।
पूर्व मिस इंडिया ने खोली नवाजुद्दीन और पत्नी के संबंधों की पोल, यौन शोषण का भी लगा चुकी हैं आरोप
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किक, बदलापुर और बजरंगी भाईजान के साथ नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने स्टारडम की जो सीढ़ियां चढ़ीं उसमें उनकी बेजोड़ अभिनय प्रतिभा के साथ लोगों की सद्भवनाओं ने भी बड़ा योगदान दिया। बॉलीवुड में उनके संघर्ष की कहानियां हर तरफ छप रही थीं। रंगीन चिकने पन्नों वाली देसी-विदेशी अंग्रेजी पत्रिकाओं में तक उनके चेहरे कद काठी और रंग को लेकर बातें थीं। हर कोई कह रहा था कि उन्होंने बॉलीवुड में सफलता के लिए जरूरी गोरे-चिट्टेपन, अच्छी हाइट-हेल्थ के पैमानों को मेहनत और प्रतिभा से छिन्न-भिन्न कर दिया। वह अलग मिट्टी के बने हैं।
हिंदी पट्टी के दर्शक गर्व से भरे थे कि गैर अंग्रेजी माहौल और किसान परिवार का लड़का बॉलीवुड सितारों को न केवल टक्कर दे रहा है बल्कि अपने तेज-तर्रार धारदार अभिनय से उनकी छुट्टी कर रहा है। इन बातों के बीच नवाज की तेजी से अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनी। मिस लवली और लंच बॉक्स के नतीजे रंग लाए। मगर बीते एक-डेढ़ साल में अचानक नवाजुद्दीन की सकारात्मक छवि पर संकट के बादल छाने लगे।
कुछ खुद उनके बदले बर्ताव से और कुछ उन पर महिलाओं द्वारा लगाए आरोपों के कारण। उनकी दंतकथा सी लगती सफलता की कहानी में दाग लग गए। उधर नवाज को भी लगने लगा कि हिंदी समाज दर्शक और मीडिया उन्हें समझ नहीं पा रहे लेकिन सच यह है कि नवाज के आत्मकथा प्रकरण और हाल में अभिनेत्री निहारिका सिंह द्वारा सोशल मीडिया में खोली गई बातों के बाद लगने लगा है कि ये वो नवाज तो नहीं। अचानक नवाज की परिश्रमी उत्तर भारतीय छवि संकटग्रस्त हो गई और वह उन आम बिगड़ैल बॉलीवुड सितारों जैसे लगने लगे, जो शोहरत की डाल पर इतराते हैं। शराब,सिगरेट,सुंदरी और अहंकार जिनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
नवाज करिअर के ऐसे दोराहे पर हैं जहां एक गलत कदम लंबे सफर को छोटा बना सकता है। बॉलीवुड का इतिहास अर्श-फर्श के हादसों से भरा पड़ा है। असल में शुरुआत खुद नवाज ने की। वह शायद लालच के उस फंदे में फंस गए जहां कहा गया कि फिल्मी सफलता को किताब में ढालकर भुना लिया जाए। उनकी आत्मकथा एन ऑर्डनरी लाइफ बाजार में आते ही तूफान उठा। उन्होंने कुछ पन्ने जीवन में आई महिलाओं के साथ अंतरंग प्रसंगों पर लिखे तो पता चला कि नवाज उतने साधारण नहीं हैं, जितने लगते हैं। इन महिलाओं ने पलटवार किया। महिला आयोग, पुलिस और अदालत तक मामला पहुंचा तो नवाज ने किताब वापस ले ली, जो कभी वापस बाजार में आएगी इसमें संदेह है।