आज भी जब रेखा का नाम आता है तो सबके जहन में एक ही सवाल उठता है कि वो सिंदूर किसके नाम का लगाती है? रेखा का नाम कई सुपरस्टार्स से जुड़ा, लेकिन आज भी लोग उनकी मांग के सिंदूर को सुपरस्टार बिग बी से जोड़ते हैं। दरअसल रेखा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी एक समय में सबसे चर्चित जोड़ी हुआ करती थी। इनका ऑन स्क्रीन रोमांस नाटक कम हकीकत ज्यादा लगता था। उस दौर में इस जोड़ी को लोग असल में भी एक साथ देखना पसंद करते थे। पर्दे पर अमिताभ रेखा के बिना अधूरे थे और रेखा उनके बिना। हालांकि बॉलीवुड की इस टॉप जोड़ी की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब ये दोनों ही एक दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते थे। अमिताभ ने जया को अपना हमसफर चुन लिया और रेखा अकेली रह गई। आज भी कई इवेंट में एक- दूसरे को देखना पसंद नहीं करते।
रेखा-अमिताभ जैसी 5 जोड़ियां, जिनकी बेपनाह मोहब्बत फिल्मी पर्दे तक सिमटी
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वहीदा रहमान ने अपने करियर की शुरुआत गुरुदत्त की फिल्म में एक निगेटिव रोल से की। पहली फिल्म में ही वहीदा के दमदार एक्टिंग और उनकी खूबसूरती के कारण गुरुदत्त ने अपनी आने वाले कई फिल्में उनके साथ बनाई। साथ काम करते-करते गुरुदत्त भी वहीदा के प्यार में डूब गए। हर किसी ने इनकी नजदीकियों को बड़े पर्दे पर देखा, लेकिन हकीकत कुछ और थी। वहीदा के प्यार में डूबे गुरुदत्त अपना प्यार पा ना सके और आत्माहत्या करके हमेशा के लिए इस कहानी को खत्म कर दिया।
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राज कपूर- नरगिस
पर्दे पर अगर राज कपूर की जोड़ी की बात की जाए तो नरगिस से बेहतर उन्हें पार्टनर नहीं मिल पाया। पर्दे पर इनकी शानदार केमिस्ट्री को देखने के लिए सिनेमा हॉल के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती थी। इनकी केमिस्ट्री पर्दे पर जितनी अच्छी थी, उससे कहीं ज्यादा तो ये अपनी निजी जिंदगी में एक दूसरे के करीब थे। हालांकि पृथ्वीराज कपूर नरगिस को अपने घर की बहु नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन राज कूपर के प्यार के आगे वो भी कुछ न कर सके। नरगिस के साथ एक नई जिंदगी के सपने देख रहे राज कपूर का ये सपना अचानक टूट गया, जब मदर इंडिया के सेट पर आग लगी और उस आग में राज कूपर के सारे सपने जलकर खाक हो गए। उस घटना के कारण नरगिस और सुनील दत्त हमेशा- हमेशा के लिए एक हो गए।
दिलीप कुमार-मधुबाला
दोनों को पर्दे के देखकर लगता था कि ये ऊपर से बनी जोड़ी है यानी ये दोनों ही एक दूसरे के लिए बने है। दिलीप कुमार तो जल्द से जल्द मधुबाल को अपना बनाना चाहते थे, लेकिन मधुबाला के पिता को दोनों की नजदीकियां बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। दोनों अलग हो गए। भले ही असल जिंदगी में जोड़ी टूट गई, लेकिन इसके बाद पर्दे पर इसे जोड़ी को और भी अधिक पसंद किया जाने लगा। दिलीप साहब ने सायरा बानो से शादी कर ली और मधुबाला ने किशोर कुमार को अपना हमसफर चुना। ऐसा भी कहा जाता है कि अलग होने के बाद दोनों एक दूसरे के सामने आने से भी कतराते थे।
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देवानंद - सुरैया
इन दोनों की मोहब्बत जग जाहिर है। दोनों एक दूसरे को बेहद चाहते थे। जीत फिल्म के सेट पर देवानंद ने सुरैया को तीन हजार रुपयों की हीरे की अंगूठी देकर अपने प्यार का इजहार किया। इसके बावजूद भी दोनों कभी एक न हो पाए। सुरैया ने ताउम्र शादी नहीं की। वहीं देवानंद ने भी अपने किताब ने लिखा कि अगर जिंदगी की राह में सुरैया उनके साथ होती है ये जिंदगी कुछ और ही होती। दरअसल सुरैया की नानी हिंदू मुस्लिम शादी के खिलाफ थी। उन्हें तो देव आनंद के साथ सुरैया के रोमांटिक सीन से भी एतराज था। उन्होंने दोनों का फोन पर बात करना बंद करवा दिया। यहां तक देवआनंद कहा कि वो उनकी नातिन से दूर रहें, नहीं तो पुलिस में शिकायत दर्ज करवा देंगी। कहा जाता है कि सुरैया ने उस हीरे की अंगूठी को समुद्र में फेंक दिया था।