हिंदी सिनेमा के लेटेस्ट शो मैन बन चुके संजय लीला भंसाली की फिल्म गोलियों की रास लीला - राम लीला से बॉलीवुड की बिग लीग में धमाकेदार एंट्री करने वाले दमदार कलाकार गुलशन देवैया के बारे फिल्म मणिकर्णिका की रिलीज से पहले सनसनीखेज खबर आई है। फिल्म की लीड कलाकार और को डायरेक्टर कंगना रनौत के रवैये से नाराज होकर सोनू सूद ने ये फिल्म छोड़ दी थी। अब पता चल रहा है कि गुलशन देवैया भी इस फिल्म का एक अहम किरदार करने को राजी नहीं हुए थे।
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kangana ranaut manikarnika
अनुराग कश्यप खेमे से ताल्लकु रखने वाले गुलशन देवैया को हंटर में भी बड़ा ब्रेक मिला था लेकिन फिल्म चली नहीं। इसके बाद गुलशन ने हाल ही में रिलीज वेब सीरीज 'स्मोक' में दमदार काम करके वाहवाही लूटी है। उनकी अगली रिलीज होने वाली फिल्म होगी 'मर्द को दर्द नहीं होता', जिसमें वह कराटे स्पेशलिस्ट का रोल कर रहे हैं।
डायरेक्टर वासन बाला की फिल्म 'मर्द को दर्द नहीं होता' के किरदार की तैयारी करने के लिए गुलशन जब डॉक्टरों की सलाह को किनारे रखते हुए सुबह शाम कराटे प्रैक्टिस कर रहे थे तभी उन्हें फिल्म 'मणिकर्णिका' के एक अहम किरदार के लिए कंगना के दफ्तर से फोन आया था। फोन पर तमाम गुजारिशें की गईं कि किसी तरह गुलशन ये रोल कर लें।
गुलशन देवैया के करीबी सूत्र बताते हैं कि वासन बाला और गुलशन देवैया की दोस्ती आराम नगर वाली दोस्ती है। आराम नगर वाली दोस्ती मुंबई के स्ट्रगलर्स के बीच इस्तेमाल होने वाला टर्म है। आराम नगर इलाके में हिंदी सिनेमा के तमाम प्रोड्यूसर्स के दफ्तर हैं और वहां एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर भटकने के दौरान अभिनेताओं में होने वाली दोस्ती के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है।
मणिकर्णिका में काम करने के लिए गुलशन देवैया को जो फीस ऑफर की गई थी, वह उनके करियर की सबसे बड़ी रकम बताई जाती है। लेकिन, गुलशन ने दोस्ती को पैसे से ज्यादा तवज्जो दी और वासन बाला की फिल्म नहीं छोड़ी। मणिकर्णिका छोड़ने की वजह से गुलशन को काफी परेशानी भी हुई लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की।