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देखिए बॉलीवुड की 'मदर इंडिया' के 9 उम्दा किरदार, अब पोती ने भी करवाई 'नोटबुक' से एंट्री
Sat, 23 Feb 2019 10:16 AM IST
विजय जैन
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 23 Feb 2019 10:16 AM IST
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mohnish bahl pranutan
- फोटो : file photo
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फिल्म नोटबुक से लॉन्च हुई प्रनूतन की दादी नूतन समर्थ बहल, जिन्हें पूरा देश नूतन के नाम से जानता है, सिनेमा जगत की सबसे जानी मानी और उम्दा अदाकारा रही हैं। 5 बार फिल्मफेयर और पद्मश्री जीतने वाली यह अदाकारा अपनी बहुमुखी अभिनय के लिए काफी लोकप्रिय थीं।
Nutan
- फोटो : social media
सीमा (1955)
किरदार - गौरी
इस फिल्म से नूतन ने सिनेमा जगत में कदम रखा था, इस फिल्म में उन्होने एक अनाथ लड़की का किरदार निभाया था, जिसके माता पिता का निधन हो जाने के बाद वह अपने चाचा के साथ रहने चली जाती है। जहां उस घर और बाहर काम करना पड़ता है। पर एक दिन झूठें चोरी के इलज़ाम में उसे जेल भेज दिया जाता है। फिर किस तरह वह सभी कठिनायों से बाहर निकल जाती है, इसपर कहानी आधारित है। फिल्म में उनके अलावा मशहूर कलाकार बलराज साहनी भी थे और इसे डायरेक्ट अमिय चक्रवर्ती ने किया था।
किरदार - गौरी
इस फिल्म से नूतन ने सिनेमा जगत में कदम रखा था, इस फिल्म में उन्होने एक अनाथ लड़की का किरदार निभाया था, जिसके माता पिता का निधन हो जाने के बाद वह अपने चाचा के साथ रहने चली जाती है। जहां उस घर और बाहर काम करना पड़ता है। पर एक दिन झूठें चोरी के इलज़ाम में उसे जेल भेज दिया जाता है। फिर किस तरह वह सभी कठिनायों से बाहर निकल जाती है, इसपर कहानी आधारित है। फिल्म में उनके अलावा मशहूर कलाकार बलराज साहनी भी थे और इसे डायरेक्ट अमिय चक्रवर्ती ने किया था।
Nutan
- फोटो : social media
सोने की चिड़िया (1958)
किरदार-लक्ष्मी
इस फिल्म को डायरेक्ट शाहिद लतीफ ने किया था, और इस फिल्म में भी उन्होने एक अनाथ का किरादार निभाया था, जिसका नाम लक्ष्मी है। इस फिल्म में भी उनका परिवार उनसे घर के काम कराया करता था। पर बात वहां बदल गई जब एक बार गलती से वह एक प्ले के बीच में पहुंच जाती हैं, और वहां उनसे गाना गवाया जाता है, फिर देखते ही देखते वह एक मशहूर कलाकार बन जाती हैं। फिल्म में उनके अलावा बलराज साहनी, चंदा और तलत महमूद भी थे।
किरदार-लक्ष्मी
इस फिल्म को डायरेक्ट शाहिद लतीफ ने किया था, और इस फिल्म में भी उन्होने एक अनाथ का किरादार निभाया था, जिसका नाम लक्ष्मी है। इस फिल्म में भी उनका परिवार उनसे घर के काम कराया करता था। पर बात वहां बदल गई जब एक बार गलती से वह एक प्ले के बीच में पहुंच जाती हैं, और वहां उनसे गाना गवाया जाता है, फिर देखते ही देखते वह एक मशहूर कलाकार बन जाती हैं। फिल्म में उनके अलावा बलराज साहनी, चंदा और तलत महमूद भी थे।
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- फोटो : social media
सुजाता (1959)
किरदार - सुजाता
इस फिल्म में उन्होंने फिर से एक अनाथ का किरदार निभाया था, जो निचली जाती से होती है, और उसे एक ब्राह्मण परिवार सहारा देता है। फिल्म में निचली जाती और ऊंची जाती के बीच अंतर को खत्म करने की पहल की थी। फिल्म को डायरेक्टर बिमल रॉय ने किया था, और इनके अलावा फिल्म में सुनील दत्त, ललिता पवार, शशिकला, सुलोचना लाटकर
भी थे।
किरदार - सुजाता
इस फिल्म में उन्होंने फिर से एक अनाथ का किरदार निभाया था, जो निचली जाती से होती है, और उसे एक ब्राह्मण परिवार सहारा देता है। फिल्म में निचली जाती और ऊंची जाती के बीच अंतर को खत्म करने की पहल की थी। फिल्म को डायरेक्टर बिमल रॉय ने किया था, और इनके अलावा फिल्म में सुनील दत्त, ललिता पवार, शशिकला, सुलोचना लाटकर
भी थे।
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अनाड़ी (1959)
किरदार -आरती सोहनलाल
फिल्म में नूतन आरती का किरदार निभा रही हैं, जो एक अमीर आदमी की बेटी हैं, और उसे उनके नौकर राज कुमार (राज कपूर) से प्यार हो जाता है। राज कुमार किसी झूठें केस के सिलसिले में फस जाता है, पर आखिर में सच्चाई जानने के बाद उसे रिहा कर दिया जाता है। फिल्म को डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। दर्शकों को राज कपूर और नूतन का यह ऑन स्क्रीन कपल बहुत पसंद आया था।
किरदार -आरती सोहनलाल
फिल्म में नूतन आरती का किरदार निभा रही हैं, जो एक अमीर आदमी की बेटी हैं, और उसे उनके नौकर राज कुमार (राज कपूर) से प्यार हो जाता है। राज कुमार किसी झूठें केस के सिलसिले में फस जाता है, पर आखिर में सच्चाई जानने के बाद उसे रिहा कर दिया जाता है। फिल्म को डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। दर्शकों को राज कपूर और नूतन का यह ऑन स्क्रीन कपल बहुत पसंद आया था।