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'पद्मावत' पर लिखे ओपन लेटर पर पहली बार बोले भंसाली, स्वरा भास्कर को दिया करारा जवाब
Fri, 02 Feb 2018 08:08 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 02 Feb 2018 08:08 AM IST
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बॉलीवुड के मशहूर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' विवादों के बाद भी 25 जनवरी 2018 को रिलीज हो गई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल का कारोबार कर रही हैं। वहीं एक्ट्रेस स्वरा भास्कर फिल्म देखने के बाद भंसाली को ओपन लेटर लिखकर सुर्खियों में आ गई थीं। पहले संजय लीला भंसाली की टीम ने स्वरा को उनके लेटर का जवाब दिया था और अब खुद भंसाली ने एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को करारा जवाब दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले स्वरा के ओपन लेटर पर पहले शाहिद कपूर और फिर दीपिका पादुकोण ने रिएक्ट किया था। वहीं अब संजय लीला भंसाली ने स्वरा के ओपन लेटर का जवाब दे डाला है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संजय लीला भंसाली ने कहा है- 'मेरे अनुसार जौहर का जो कॉन्टेक्स्ट है वह है कि एक व्यक्ति रणभूमि में अपने प्राण गंवा देता है और अमर हो जाता है लेकिन युद्ध वहां खत्म नहीं होता। महिलाएं वो युद्ध खत्म करती हैं। उस वक्त वह ये फैसला लेती हैं कि एक महिला भी दुश्मन के हाथ नहीं लग पाएंगी। कोई भी बच्चा या महिला किसी भी प्रताड़ना का शिकार नहीं हो पाएंगी। वही यहां भी हुआ। तो पता नहीं क्यों लोग पद्मावती के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं?'
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भंसाली आगे कहते हैं, 'फिल्म उस स्टोरी पर बेस्ड है जिसमें किरदार जौहर करते हैं। वह ये करते हैं क्योंकि उस वक्त ये उनके लिए जंग का ही एक हिस्सा था। मुझे लगता है कि यह एक सशक्त सोच है। उन्होंने दुश्मन को जीतने नहीं दिया। वह जीत सम्मान की थी। मैं इसके लिए उनके सम्मुख सवाल खड़ा नहीं कर सकता था। यह वही चीज है जैसा सवाल यह है कि ताजमहल इतना खर्च कर के क्यों बनाया गया इससे चैरेटी की जा सकती थी। कुछ लोग इस बात के पक्ष में होंगे तो कुछ इसका विरोध करेंगे। बस ये वैसा ही है। तो सब कुछ ठीक है।'
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आपको बता दें कि स्वरा ने अपना सुझाव रखते हुए खत में लिखा था कि क्या जौहर के बिना पद्मावती की जिंदगी नहीं चल सकती थी। क्या औरतों के वजाइना पर ही पुरुषों की नजर रहती है। क्या वजाइना के आगे औरतों की कोई जिंदगी नहीं होती। क्या रेप के बाद किसी महिला को जिंदगी जीने का अधिकार नहीं है। या फिर पुरुष को सिर्फ महिला का शरीर चाहिए और अगर महिला वह नहीं देना चाहती तो उसे मृत्यु को गले लगाना होगा। क्या महिलाओं के पास मृत्यु के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है।
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