साल 2015 में रिलीज हुई एस एस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली: द बिगनिंग' से पहले, पैन इंडिया फिल्मों के कॉन्सेप्ट को तो दूर, इस शब्द को तक भी कोई नहीं जानता था। लेकिन इस फिल्म की रिलीज के बाद से ही, बहुत कुछ बदल गया। खासतौर पर यह बदलाव रिलीज होने वाली फिल्मों के बजट में देखा गया है। साउथ की बड़े बजट की तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों से सिनेमा जगत का ट्रेंड बदल दिया है। खास बात यह है कि साउथ की इन फिल्मों का निर्देशन साउथ के ही सफल निर्देशकों द्वारा किया जा रहा है और यह हिंदी बेल्ट में धमाकेदार कमाई कर रही है।
Pan India Films: 'बाहुबली' से पहले ये फिल्में जीत चुकी हैं दर्शकों का दिल, 'केजीएफ 3' से पहले करें बिंज वॉच
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नॉर्थ बेल्ट की मदद से ही यह फिल्में पैन इंडिया बन पाई हैं, लेकिन यह पहली बार नहीं हैं कि कोई फिल्म पैन इंडिया बनी हो। ऐसा कमाल पहले भी कई बॉलीवुड फिल्मों ने किया है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 'पैन इंडिया' का यह कॉन्सेप्ट इस शब्द और इन फिल्मों के ट्रेंड में आने से बहुत पहले मौजूद था। तो, आइए जानते हैं पुराने समय में रिलीज हुई उन फिल्मों के बारे में, जिन्होंने 'पैन-इंडिया फिल्मों' का टैग लगाए बिना ही पूरे देश के बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी।
फिल्म का नाम- चंद्रलेखा
रिलीज का साल- 1948
ओटीटी प्लेटफॉर्म- यूट्यूब
एस एस वासन के निर्देशन में बनी यह फिल्म पूरे देश में तमिल और हिंदी भाषाओं में रिलीज की गई थी। इसकी कहानी दो भाइयों की एक ही लड़की से प्यार करने के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका नाम 'चंद्रलेखा' होता है।
फिल्म का नाम- मुगले आजम
रिलीज का साल- 1960
ओटीटी प्लेटफॉर्म- जी5
दिलीप कुमार और मधुबाला स्टारर फिल्म 'मुगले आजम' भी एक पैन इंडिया फिल्म थी, जिसे देश भर के दर्शकों का खूब प्यार मिला था। फिल्म में पृथ्वीराज कपूर भी मुख्य भूमिका में थे और इसका निर्देशन के. आसिफ द्वारा किया गया था।
फिल्म का नाम- शोले
रिलीज का साल- 1975
ओटीटी प्लेटफॉर्म- अमेजन प्राइम वीडियो
जय, वीरू और गब्बर के नाम से सभी को एक ही फिल्म याद आती है, जिसका नाम 'शोले' है। रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने पूरे भारत में धमाल मचा दिया था। फिल्म के डायलॉग से लेकर इसका हर किरदार दर्शकों के दिलों में बस गया था। फिल्म की हर चीज की खूब चर्चा हुई थी।