पंढ़री जुकर हिंदी सिनेमा के वो मेकअप आर्टिस्ट हैं जिन्होंने अपने 60 साल इंडस्ट्री को दिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों से अपना करियर शुरू करने वाले जुकर को सब पंढ़री दादा के नाम से जानते हैं। फिल्मी दुनिया में तीन दशक तक मेकअप का काम करने वाले पंढ़री दादा अब 87 साल के हो चले हैं और आज भी मेकअप के काम से उतना ही प्यार करते हैं जितना उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में जाने-माने निर्माता, निर्देशक और अभिनेता वी शांताराम का मेकअप करते हुए महसूस किया था।
घर के हालात ने बनाया पंढ़री जुकर को मेकअप आर्टिस्ट, अमिताभ बच्चन को कहा था- "तुम बहुत आगे जाओगे"
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1948 में बिना किसी इरादे से मेकअप की दुनिया में आए पंढ़री दादा के काम की सिफारिश मशहूर अदाकरा नरगिस ने की थी। उस ज़माने के मेकअप के उस्ताद बाबा वर्धन से मेकअप के गुण सीखने के बाद आगे चलकर उन्होंने मॉस्को से मेकअप आर्टिस्ट का डिप्लोमा भी हासिल किया। 'झनक झनक पायल बाजे', चित्रलेखा, ताजमहल, नूर जहां, नील कमल, काला पत्थर, शोले, नागिन मिस्टर इंडिया, दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे जैसी 500 से भी अधिक फ़िल्मों में मेकअप से चरित्रों को नया रंग देने वाले पंढ़री दादा के हाथों ने बहुत से कलाकारों को संवारा है जो भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुए।
इनमें मीना कुमारी, मधु बाला, नूतन, दिलीप कुमार, राज कपूर, अशोक कुमार, देव आनंद, राजेश खन्ना, सुनील दत्त, अमिताभ बच्चन, राज कुमार, शाहरुख़ खान, आमिर खान, करीना कपूर, विद्या बालन और माधुरी दीक्षित जैसे कई सितारे हैं। कई पुरस्कारों से सम्मानित पंढ़री जुकर बीबीसी से खास बातचीत में कहते हैं, "मेरा मेकअप आर्टिस्ट बनने का कोई इरादा नहीं था, क्योंकि मुझे ये लाइन पसंद नहीं थी। मेरे पिता को भी सबने यही कहा था कि ये लाइन अच्छी नहीं है लेकिन घर के हालात बिल्कुल ठीक नहीं थे। मेरी गरीबी देखते हुए मेकअप आर्टिस्ट बाबा वर्धन, जो मेरे पड़ोसी थे, उन्होंने मुझे उनके साथ जुड़ने का सुझाव दिया।"
वो कहते हैं, "राजकमल स्टूडियो में जो भी फिल्म बनती मैं उनके सभी कलाकारों का मेकअप करने लगा। इस काम के लिए मुझे 70 रुपये महीना मिला करता था। मेरे काम को देखते हुए नरगिस ने मुझे फिल्म 'प्रदेश' के लिए रूस जाने का मौका दिया और मैंने मेकअप का डिप्लोमा हासिल किया।" ये सब नरगिस जी की मदद से ही संभव हो पाया। अगर नरगिस का मुझपर भरोसा ना होता तो शायद मुझे कभी बड़ा मौका नहीं मिलता। नरगिस की ही तरह मुझे अभिनेत्री मीना कुमारी ने भी बहुत मौके दिए। उन्होंने अपनी शुरुआती फिल्म से लेकर आखिरी फिल्म पाकीजा का मेकअप उन्होंने मुझसे ही करवाया था।"
पंढ़री बताते हैं कि ब्लैक एंड वाइट फिल्मों के जमाने में मेकअप करना बड़ा मुश्किल होता था। आपकी छोटी से छोटी गलती भी पकड़ ली जा सकती थी। वो कहते हैं, "मेकअप के तौर पर हम सिर्फ काजल पेंसिल, मैरून लिपस्टिक और पाउडर का ही इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन जब रंगीन सिनेमा आया तो मेकअप आर्टिस्ट का काम थोड़ा आसान हो गया। वो बताते हैं, "दिलीप कुमार हमेशा कहा करते थे कि हमारे कर्ता धर्ता ये लोग हैं। जवान को बूढ़ा और बूढ़े को जवान, साधारण दिखने वाले इंसान को भी सुन्दर बनाना ये पंढ़री का कमाल है।" वो कहते हैं, "आपको बताना चाहूंगा अभिनेताओं में दिलीप कुमार, धर्मेंद्र और सुनील दत्त ऐसे कलाकार हैं जिनका मेकअप चुटकियों में हो जाया करता था।