नारायण मूर्ति पर रिसर्च ने बदला जीवन का नजरिया, अश्विनी बोलीं, ‘ये मेरे जीवन के सबसे अनमोल पल हैं’
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बीते साल जनवरी में रिलीज हुई कंगना रणौत की फिल्म ‘पंगा’ ने उन्हें इस साल सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया और इसकी निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी को दिया वह भरोसा जिसके सहारे वह अपनी जमी जमाई 15 साल की नौकरी छोड़ आई थीं। उनकी पहली फिल्म ‘निल बटे सन्नाटा’ ने बीते गुरुवार को ही अपनी रिलीज के पांच साल पूरे किए। बीते साल भर से वह अपनी नई कहानी पर काम कर रही हैं जिसके बारे में उनका कहना है, ‘इस कहानी ने मेरी अपनी शख्सीयत पर गहरा असर डाला है।’ यह कहानी है ही ऐसी।
41 साल की हो चुकीं अश्विनी अय्यर तिवारी के लिए बीता साल तमाम ऐसी यादों को सहेजने का साल बन गया जिनेक सहारे उनकी पूरी उम्र गुजर सकती हैं। वह साल भर से इन्फोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति पर बनने वाली फिल्म की कहानी पर काम कर रही हैं। हालांकि, उनको इस काम में अपने पति निर्देशक नितेश तिवारी के अलावा सह लेखकों श्रेयस जैन व पीयूष गुप्ता की भी मदद मिल रही है, लेकिन इस दंपती के संघर्ष और सफलता की कहानियां उन्हें भी भीतर तक बदल चुकी हैं।
पीटीआई से एक बातचीत में अश्विनी कहती हैं, ‘मूर्ति दंपती की कहानी को जानने के दौरान मुझे लगता है कि मैं भी बदल रही हूं। ये एक ऐसा अनुभव महसूस हो रहा है जो अब पूरा जीवन मेरे साथ रहने वाला है। सबसे बड़ी बात जो इस दंपती की कहानी ने मुझे सिखाई, वह ये कि जीवन में आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं? और, जीवन में जो आप काम कर रहे हैं, उसके अलावा जीवन का आपका उद्देश्य क्या है? मुझे तो अब ये कहानी फिल्म लगती ही नहीं। ये मेरे जीवन का अनुभव बन चुकी है। जब भी मैं अपने दिल को टटोलती हूं तो कहीं गहराई में मुझे ये एहसास हर पल होता है कि ये फिल्म मेरे फिल्म करियर की सबसे बड़ी चुनौती तो है ही साथ ही ये लम्हें जो मैं इसे लिखते हुए बिता रही हूं, मेरे जीवन के सबसे अनमोल पल बन रहे हैं।’
अश्विनी अय्यर तिवारी और उनकी टीम इन दिनों इस फिल्म की पटकथा को अंतिम रूप देने में लगी है। इरादा यही है कि देश के हालात बेहतर होते ही इसकी शूटिंग शुरू कर दी जाए। हालांकि, इस फिल्म को शुरू करने से पहले अश्विनी को एक वेब सीरीज भी पूरी करनी है। इस वेब सीरीज की लेखक सौम्या जोशी के साथ भी उनका वार्तालाप इसके लिए चलता रहता है। अश्विनी के मुताबिक ये वेब सीरीज एक बहुत ही भावुक प्रेम कहानी है। सीरीज का नाम रखा गया है फाड़ू और ये उसी ओटीटी के लिए बनना प्रस्तावित है जिसके लिए बीते साल अश्विनी ने शॉर्ट फिल्म ‘घर की मुर्गी’ बनाई थी।