अक्सर आपने सुना होगा कि 'सपनों की मायानगरी मुंबई में हरदिन सैकड़ों लोग आंखों में स्टार बनने का सपना लेकर पहुंचते हैं।' लेकिन इसके आगे की बात ये है कि ऐसे ही सैकड़ों सपने यहां रोज टूटते हैं और वो टूटे सपने हररोज अपने घरों की ओर लौट जाते हैं। स्टार बनना और स्टारडम कायम रखना, इस बात में बड़ा फर्क है। इसे जो न समझ पाया वो ऐसा गुमनाम हुआ कि मौत पर चार कंधे भी न जुटा सका। आज बात बॉलीवुड की चमचमती नगरी के उस गुप अंधेरे कमरे की जहां सैकड़ों सांसें चुपचाप दफन हो गईं। ये भयानक और बहुत भयानक है।
किसी को हुआ एड्स तो किसी का शव ठेले से पहुंचाया गया श्मशान, बेहद दुखद था इन बॉलीवुड स्टार्स का अंत
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परवीन बाबी
70 के दशक की मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी ने अपने 15 साल के करियर में लगभग 50 फिल्मों में काम किया, इनमें से 12 फिल्में उन्होंने अकेले अमिताभ बच्चन के साथ कीं। अपने दौर में परवीन बाबी सबसे महंगी अभिनेत्री थीं। उस दौर में उन्होंने उस सफलता का स्वाद चखा जिससे उस वक्त बॉलीवुड की हर अभिनेत्री महरूम थी। महेश भट्ट से प्यार हुआ और फिर दिल ऐसा टूटा की चैन मौत से मिला। पैरानायड स्कित्जोफ्रेनिया नाम की बीमारी ने बाबी को बेसुध कर दिया। उम्र 56 हुई तो बिस्तर से उठ भी नहीं पाती थीं। 20 जनवरी 2005 को अकेले घर में उन्होंने दम तोड़ दिया। तीन दिन तक लाश बेड पर सड़ती रही। जब दरवाजे से ब्रेड-दूध नहीं हटा तो किसी ने पुलिस को खबर दी थी। तब जाकर लोगों को उनकी मौत की जानकारी मिली।
ए. के. हंगल
किसी बेहतरीन कलाकार और जिंदाजिल शख्सियत का ऐसा अंत होगा ये सोच कर भी दिल दहल जाता है। शोले में ए. के. हंगल का फेमस डायलॉग 'इतना सन्नाटा क्यों है भाई' लोगों को आज भी याद है। कई पुरानी फिल्मों को देखकर आज भी हंगल साहब याद आ जाते हैं। हंगल साहब ने कभी बुलंदियों को छुआ था लेकिन अंतिम दिनों में इलाज को पैसे भी न थे। मौत से पहले कई बीमारियों ने उन्हें घेर लिया। अमिताभ को जब पता चला तो 20 लाख की मदद भेज दी। लेकिन हंगल साहब न बच पाए। तंगहाली में उन्होंने सांसें तोड़ दीं।
गीतांजलि नागपाल
पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन के साथ रैंप पर चलने वालीं मॉडल गीतांजलि नागपाल एक एक्ट्रेस बनकर उभरीं। 32 साल की गीतांजलि साल 2007 में भीख मांगती हुई मिली थीं। फिल्मों में असफल हुई तो ड्रग की लत लग गई। अपनी जरूरत पूरी करने के लिए वो नौकरानी तक बन गई थीं। साल 2008 में तंगी से गुजरते हुए गीतांजलि नागपाल की मौत हो गई।
निशा नूर
80 के दशक में साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री निशा नूर का सिक्का चलता था। कमल हासन जैसे कई स्टार्स के साथ निशा ने काम किया। इतनी सफलता के बावजूद निशा की जिंदगी वीरान और दर्दभरी ही रही और उसी हालत में वो दुनिया से चल बसीं। एक वेबसाइट के मुताबिक, निशा नूर को नागोर दरगाह के पास मरणासन्न अवस्था में पाया गया था। उस वक्त उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि उनके शरीर पर कीड़े और चीटियां रेंग रही थीं और उनका ध्यान रखने के लिए कोई भी नहीं था। अस्पताल लाने पर पता चला कि निशा को एड्स है और इसके चलते उनकी हालत और खराब होती चली गई...और फिर साल 2007 में निशा नूर ने इस दुनिया से चली गईं।