पिछले कुछ दिनों से अमेरिका की पॉप सिंगर रिहाना भारत में काफी सुर्खियों में हैं। इस चर्चा की वजह उनके द्वारा किसान आंदोलन और किसानों के समर्थन में किया गया ट्वीट था। जिसमें उन्होंनें किसानों की एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा था, 'हम इस पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं?' इसके बाद से ही रिहाना लगातार विवादों में भी घिरी हुई हैं। अब खबरें आ रही हैं कि उन्हें इस पोस्ट के लिए कनाडा की पीआर फर्म ने 18 करोड़ रुपए दिए थे, जो कि खालिस्तान समर्थन से जुड़ी हुई है।
किसान आंदोलन पर ट्वीट कर विवादों में रिहाना, खालिस्तानी PR फर्म से 18 करोड़ मिलने का दावा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीजेएफ) ने एक ग्लोबल कैंपेन शुरू करने में अहम भूमिका निभाई। इसे कनाडा स्थित एक्टिविस्ट और राजनीतिज्ञों ने सपोर्ट किया। रिपोर्ट के मुताबिक, स्काई रॉकेट नाम की एक पीआर फर्म ने रिहाना को किसान आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करने के लिए 2.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 18 करोड़ रुपए दिए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिस टूल किट को स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने अपनी पोस्ट में शेयर किया था, वह भी उन तक पहुंचाई गई थी ताकि भारत के खिलाफ नफरत पैदा करने की बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रिहाना को पैसे देने वाली पीआर फर्म का डायरेक्टर धालीवाल है। यह भी कहा जा रहा है कि धालीवाल ने ही उस टूल किट को बनाया था, जिसे ग्रेटा थनबर्ग ने अपनी पोस्ट में शेयर किया। हालांकि, बाद में ग्रेटा ने उसे डिलीट भी कर दिया था। धालीवाल खालिस्तान समर्थक है। उसने पिछले साल सितंबर में एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस बात को स्वीकार किया था। उसने पोस्ट में लिखा था, 'मैं एक खालिस्तानी हूं। आप ये नहीं जानते होंगे, क्योंकि खालिस्तान एक विचार है। खालिस्तान एक जिंदा और सांस लेता आंदोलन है।'
तो वहीं रिहाना सिर्फ एक विवाद में ही नहीं घिरी हुई हैं, बल्कि एक अन्य विवाद में भी उनका नाम घिरता हुआ नजर आ रहा है। रिहाना की कॉस्मेटिक कंपनी फैंटी ब्यूटी कैलिफॉर्निया ने खुलासा किया है कि 'सिंगर चाइल्ड लेबर और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर अपने सप्लायर्स का ऑडिट नहीं करवाती है।' कंपनी ने आगे कहा कि, 'वह सप्लायर्स से ही उम्मीद करती है कि वे नियमों का ध्यान रखें।' बता दें कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में बाल मजदूरी को लेकर नियम काफी सख्त हैं। कैलिफोर्निया में ट्रांसपेरेंसी इन सप्लाई चेन एक्ट के अनुसार रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरर्स को अपने ग्राहकों को ये बताना पड़ता है कि वो बाल मजदूरी और मानव तस्करी को रोकने के लिए क्या कोशिशें कर रहे हैं। ये पूरी जानकारी वेबसाइट पर देनी होती है। लेकिन जिन कंपनियों की वेबसाइट नहीं है उन्हें लिखित में ये सबकुछ बताना होता है।
इतना ही नहीं रिहाना की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। जिसमें सिंगर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के असिस्टेंट और कैबिनेट मंत्री जुल्फी बुखारी के साथ दिखाई दे रही हैं। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें लगातार ट्रोल कर रहे हैं। यहां तक कि लोग उन्हें पाकिस्तानी भी कह रहे हैं।