Prakash Jha: पेंटर बनने मुंबई आए प्रकाश कैसे बने निर्देशक? पहली फिल्म के लिए मिला था नेशनल अवॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-
- 1
-
Link Copied
फिल्म निर्माता प्रकाश झा ने इंटरव्यू के दौरान अपने सपने के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जिस समय लोग आईएएस और आईपीएस बनने का सपना देखते हैं, उस समय वह पेंटर बनना चाहते थे। वह कैमरा खरीदकर और 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े। यह बात उनके परिवार को पसंद नहीं थी। ऐसे में जब उन्होंने घर छोड़ा तो घर के साथ उनके रिश्ते भी पीछे छूट गए। परिवार के साथ प्रकाश के रिश्ते इस कदर खराब हुए कि पांच साल तक पिता ने उनसे बात तक नहीं की।
Akshay Kumar: पहली फिल्म के लिए अक्षय को मिली थी इतनी फीस, एक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया चेक
पेंटर बनने का सपना लिए प्रकाश मुंबई आ गए और उन्होंने जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स में दाखिला लिया। यहां वह अपने पेंटर बनने के सपने की ओर आगे बढ़ रहे थे, तभी उन्होंने मुंबई में एक फिल्म की शूटिंग देखी। उन्हें वह इतनी अच्छी लगी कि उसी वक्त उन्होंने पेंटर बनने का सपना छोड़कर निर्देशक बनने का सपना आंखों में बसा लिया।
Selfiee BO Collection: अक्षय कुमार की 'सेल्फी' को नहीं मिला छुट्टी का फायदा, रविवार को भी फिल्म की कमाई सुस्त
साल 1973 में 'धर्मा' फिल्म की शूटिंग देखने के बाद उन्होंने फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे में दाखिला लिया। यहां उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीखा। इसके बाद साल 1984 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक डेब्यू किया और अपनी पहली फिल्म 'हिप हिप हुर्रे' का निर्देशन किया। यह फिल्म बंधुआ मजदूर पर आधारित थी। अपनी पहली फिल्म के लिए ही प्रकाश को नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हिंदी सिनेमा को उन्होंने कई हिट फिल्में दीं।
Isha Ambani: जुड़वा बच्चों आदिया और कृष्णा संग स्पॉट हुईं ईशा अंबानी, सिंपल लुक से जीता फैंस का दिल
कभी पाई पाई के मोहताज रहे प्रकाश आज हिंदी सिनेमा के सफल फिल्म निर्माता हैं। यह सब उन्हें इतनी आसानी से नहीं मिला, बल्कि इसके लिए उन्होंने कड़ा संघर्ष किया। जब 300 रुपये लेकर वह घर से निकले थे, तब उनके पास न किराए के पैसे थे और न ही खाने के। संघर्ष भरे दिनों में उन्होंने कई रातें जुहू बीच के फुटपाथ पर गुजारीं। फिल्म निर्माण के साथ-साथ उन्होंने वेब सीरीज में भी हाथ आजमाया। उन्होंने 'आश्रम' वेब सीरीज का निर्देशन किया। यह सुपरहिट साबित हुई और दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।
Shah Rukh Khan: शाहरुख खान की 'कभी हां कभी ना' को 29 साल पूरे, एक्टर ने खास तस्वीर साझा कर लिखा प्यारा नोट