प्रियदर्शन आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 30 जनवरी 1957 को हुआ था। प्रियदर्शन के पिता कॉलेज में लाइब्रेरियन थे, जिनके कारण उनका किताबों की तरफ ध्यान ज्यादा रहता था। उन्हें पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था। प्रियदर्शन ने फिलॉसफी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। वह फिल्म निर्माता और स्क्रीन राइटर हैं। प्रियदर्शन अपनी बेहतरीन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मलयालम और हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया है।
Priyadarshan: कॉमेडी फिल्मों के बादशाह हैं प्रियदर्शन, इन फिल्मों से बॉलीवुड पर किया राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1999 में बॉलीवुड में हेरा फेरी से खी करियर की शुरुआत
प्रियदर्शन ने अपने करियर की शुरुआत मलयालम सिनेमा में 1980 के दशक में की थी। उन्होंने बॉलीवुड में कई फिल्मों का निर्देशन किया। प्रियदर्शन को कॉमेडी फिल्मों का बादशाह कहा जाता है। 1999 में फिल्म हेरा फेरी से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की। हेरा फेरी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। लोगों को आज भी यह फिल्म खूब हंसाती है। इस फिल्म में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ परेश रावल मुख्य भूमिका में नजर आए थे।
कई फिल्मों का किया निर्देशन
बता दें कि प्रियदर्शन इकलौते ऐसे फिल्म निर्माता है, जिन्होंने भारत में रिच कलर ग्रेडिंग, क्लीयर साउंड और बेहतर क्वालिटी डबिंग जैसी चीजों की शुरुआत अपनी फिल्मों में की थी। उन्होंने बॉलीवुड में हेरा फेरी, हंगामा, गरम मसाला, भागमभाग, चुप चुप के, ढोल और भूल भूलैया जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया। उन्होंने इन फिल्मों में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ काम किया। हालांकि, साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म रंगरेज के बाद वापस से उन्होंने मलयालम फिल्मों में अपना ध्यान केंद्रित कर लिया। उन्होंने मलायालम भाषा में पेयुन्नु मद्दलम कोट्टुन्नु, थलवट्टम, वेल्लानाकलुड़े नाडु, चित्रम, वंदनम, किलुक्कम, अभिमन्यु, मिथुनम, थे नामाविन कोंबाथ, काला पानी जैसी फिल्में बनाईं।
यह भी पढ़ें-Bigg Boss 16: टीना के जाते ही खुशी से नाचने लगे शालीन, तो शिव-स्टैन के साथ अर्चना-प्रियंका की हुई भयंकर लड़ाई
कई अवॉर्ड किए हासिल
अपने करियर के दौरान प्रियदर्शन ने कई अवॉर्ड हासिल किए। उन्होंने मलयालम और हिंदी फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड हासिल किए। वहीं, साल 2007 में उन्हें तमिल फिल्म कांचीवरम के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके अलावा साल 2012 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
यह भी पढ़ें-Main Khiladi: 29 साल बाद एक बार फिर चलेगा 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' गाने का जादू, टीजर में छाई अक्षय-इमरान की जोड़ी