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जानिए किन 4 फिल्मों को पछाड़कर भारतीय शॉर्ट फिल्म 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' ने जीता ऑस्कर
भारत में बनी एक डॉक्यूमेंट्री को इस बार ऑस्कर पुरस्कार मिला है। 'पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस' को 'बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सबजेक्ट' वर्ग में ऑस्कर मिला है। इस फिल्म को भारतीय निर्माता गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म की निर्देशक ईरानी-अमरीकी फिल्ममेकर रायका जिहताब्जी हैं। अवॉर्ड जीतने के बाद गुनीत मोंगा ने भी ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'हम जीत गए। इस धरती पर मौजूद हर लड़की यह जान ले कि वह देवी है... हमने @Sikhya को पहचान दिलाई है।'
WE WON!!! To every girl on this earth... know that you are a goddess... if heavens are listening... look MA we put @sikhya on the map ❤️
बता दें ऑस्कर के लिए 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' (Period End of Sentence) की टक्कर 'ब्लैक शिप' (Black Sheep), 'एंड गेम' (End Game), 'लाइफबोट' (Lifeboat) और 'ए नाइट एट द गार्डन' (A Night at the Garden) जैसी दूसरी शॉर्ट डॉक्यूमेंटरीज से थी। अवॉर्ड के लिए पांच फिल्में चुनी गई थी, जिसमें पूरे भारत से यह एक मात्र फिल्म थी।
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oscars
- फोटो : अमर उजाला
फिल्म में दिखाया गया है कि महिलाओं को सैनेटिरी नैपकिन्स का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। फिल्म में महिलाओं की सेहत का ख्याल रखने के लिए भी कुछ टिप्स दिए गए हैं। गांवों में पीरियड्स को लेकर लोगों में किस स्तर पर अनभिज्ञता है, ये तब पता चलता है जब एक लड़के से पीरियड के बारे में पूछने पर वो स्कूल के पीरियड की बात करने लगता है।
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25 मिनट की ये डॉक्यूमेंट्री भारत में दिल्ली के पास हापुड़ जिले के एक गांव में शूट हुई है। गांव की उन महिलाओं के इर्द गिर्द घूमती है जिन्हें पैड्स उपलब्ध नहीं हैं। इस स्थिति से गुजरते हुए एक दिन उनके यहां पैड मशीन लगाई जाती है, जिसके बाद महिलाओं को पैड के बारे में पता चलता है। महिलाएं इस बारे में जागरुकता फैलाने के साथ ही खुद भी पैड बनाने का भी फैसला करती हैं। इस फिल्म में कई सीन्स ऐसे हैं जो आपके दिल को छू जाते हैं और कई सवाल छोड़ जाते हैं।
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Guneet Monga
- फोटो : social media
यह डॉक्यूमेंट्री ‘ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस’ के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए ‘द पैड प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है। बता दें कि गुनीत मोंगा 'लंच बॉक्स' और 'मसान' जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुकी हैं। गांव काठी खेड़ा की एक लड़की (स्नेह) ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है।
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