अमर सिंह चमकीला एक बेखौफ गायक थे जो अपनी बातों को अपने गीतों के जरिए समाज के सामने परोसते थे। अपनी इस बेबाकी की वजह से ही वह कई लोगों की आंखों में खटकते भी थे। उनका अपना एक बैंड भी था जिसमें दो लोग और उनकी पत्नी अमरजोत सिंह चमकीला थे, जिनके साथ वह गाना भी गाते और तुम्बी भी बजाया करते थे। वह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी मशहूर थे। उनके सुपरहिट गानों में ललकारे नाल और कुछ धार्मिक गीत बाबा तेरा ननकाना, तलवार मैं कलगीधार दी शामिल रहे थे।
27 साल के इस गायक को गोलियों से कर दिया था छलनी, आज तक नहीं सुलझ पाई मौत की गुत्थी
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करियर की शुरुआत
अमर सिंह चमकीला का जन्म 21 जुलाई 1960 को लुधियाना के डुग्री गांव में हुआ था। पढाई पूरी करने के बाद वह इलेक्ट्रीशियन बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें नौकरी एक कपड़े की मिल में मिली। उन्हें संगीत का शौक था तो कुछ सालों में वह हारमोनियम और ढोलकी बजाना सीख गए। 18 साल की उम्र में उनका मिलना सुरेंद्र शिंदा से हुआ, तब सुरेंद्र को पता लगा कि अमर सिंह कितने प्रतिभाशाली थे। फिर सुरेंद्र और अमर ने एक साथ काम करना शुरू कर दिया, और अमर सिंह ने अपने नाम के आगे चलकीला लगा लिया। जिसके बाद कुछ ही समय में उनकी शादी भी हो गई।
ऐसे हुई गायन की शुरुआत
शादी हुई तो घर की जिम्मेदारियाँ भी बढ़ गई, पर तब तक वह कुछ खास गाया नहीं करते थे, वह ज्यादातर सुरेंद्र के लिए गाने लिखा करते थे। पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने खुद सोलो परफॉर्मेंस देना शुरु कर दिया था। वह अकसर अपने गाने में दुनिया की सच्चाई लोगों के सामने रखते थे। इसके चलते उनके गानों को लोग पसंद करने लगे, फिर धीरे धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई। कुछ समय बाद चमकील ने सोनिया शिंदा के साथ मिलकर स्टेज परफॉर्मेंस देने लगे था। दरअसल सोनिया शिंदा, सुरेंद्र शिंदा के साथ गाया करती थीं, लेकिन सुरेंद्र जब कनाडा के टूर पर गए थे तब वह अपने साथ एक और लोकप्रिय सिंगर गुलशन कोमल ले गए थे। जिसके चलते सोनिया ने चमकीला को कहा कि वह अपनी एक एलबम रिकॉर्ड करें। जिसके बाद 1981 में दोनों ने मिलकर आठ गाने रिकॉर्ड किए, एलबम बापू साडा गुम हो गया के नाम से।
कहानी का तीसरा कोण
उसके बाद उन्होंने एक और सिंगर के साथ काम किया जिनका नाम था मिस उषा। उसी साल उन्होने अमरजोत के साथ भी काम किया था। अमरजोत खुद भी काफी लोकप्रिय थीं, कुलदीप मानक जैसे जाने माने सिंगर के साथ भी वह काम कर चुकी थीं। जिसके बाद, जल्द यह जोड़ी बहुत लोकप्रिय हो गई। इस लोकप्रियता को बरकरार रखने के लिए अमर सिंह चमकीला ने 23 मई 1983 में अमरजोत के साथ दूसरी शादी की थी। देखा जाए तो उनके सितारे इस शादी के बाद ही चमक उठे, क्योंकि शादी के कुछ ही साल में उन्होंने कई गाने रिकॉर्ड कर लिए, और साथ ही साथ वह कनाडा, यूएस, दुबई, और बहरीन जैसे देशों में भी लाइव परफॉर्मेंस देकर आए। उनका करियर चमक उठा, जिसके चलते उन्होंने लोगों की शादियों में भी परफॉर्मेंस देना शुरु कर दिया। उस समय में वह 4000 रुपये लिया करते थे। पंजाब में अकसर उनकी परफॉर्मेंस अखाड़ों में हुआ करती थीं, जहां वह अपने लिखे गानों को रिकॉर्ड करने से पहले लोगों को सुनाया करते थे। इसके अलावा वह उस समय दूसरे सिंगर्स के लिए गाने भी लिखते थे, जिनमे कुछ सुरेंद्र शिंदा, जगमोहन कौर और केएस कूनर जैसे नाम शामिल हैं।
एक रहस्यमयी हत्या
8 मार्च 1988 को एक मोटरसाइकिल गिरोह ने अमर सिंह चमकीला को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दिया था। गायक की हत्या का दोषी आतंकवादियों को माना गया। वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना था कि अमर पंजाब के बेहतरीन गायक थे। इस वजह से दूसरे गायकों ने साजिश करके उन्हें मार डाला। यही कारण है कि इस गायक की मौत अब तक राज बनी हुई है।
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