तमिल और तेलुगू फिल्म में काम कर चुकी अभिनेत्री पुष्पावल्ली आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। बाल कलाकार के रूप में इंडस्ट्री में अपना सफर शुरू करने वाली पुष्पावल्ली ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। पहली बार वह स्क्रीन पर युवा सीता के रूप में नजर आई थीं। इसके बाद वह लीड रोल निभाने लगीं। 1926 में आज ही के दिन जन्म लेने वाली पुष्पावल्ली प्रोफेशनल से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रही थीं। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर हम आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें बताने जा रहे हैं।
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300 रुपये मिली थी पहली फीस
पुष्पावल्ली का जन्म आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के पेंटापाडू गांव के एक कंडाला परिवार में कंडला वेंकट पुष्पावल्ली तयारम्मा के रूप में हुआ था। पुष्पावल्ली ने फिल्म संपूर्ण रामायणम (1936) में युवा सीता का किरदार निभाकर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें तीन दिन की शूटिंग के लिए 300 रुपये दिए गए थे, जो उन दिनों बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी। इसके बाद पुष्पावल्ली को फिल्मों के कारण ही पढ़ाई से भी दूरी बनानी पड़ी थी, क्योंकि यह उनके परिवार के लिए आय का स्रोत था। 20-25 तेलुगू और तमिल फिल्मों (बाल भूमिकाओं सहित) काम करने के बाद भी पुष्पावल्ली लीड रोल से ज्यादा सेकेंड लीड रोल में नजर आईं।
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पहली शादी नहीं हुई कामयाब
पुष्पावल्ली ने 1940 में आई वी रंगाचारी नाम के एक वकील से शादी की थी। हालांकि दोनों की शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और 1946 में वे अलग हो गे। रंगाचारी से शादी के बाद पुष्पावल्ली के दो बच्चे हुए थे। वहीं, पुष्पावल्ली ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी हिट तेलुगू फिल्म बाला नागम्मा (1942) थी, जिसमें उन्होंने एक महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभाई थी। उनकी 1947 की फिल्म मिस मालिनी, जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी, को काफी प्रशंसा मिली लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फ्लॉप साबित हुई थी।
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ऐसे हुई जेमिनी गणेशन से मुलाकात
मिस मालिनी में पुष्पावल्ली मुख्य भूमिका में थीं, तो यह साउथ सुपरस्टार जेमिनी गणेशन की डेब्यू फिल्म थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही दोनों मिले और एक-दूसरे के करीब आ गए। जेमिनी को तमिल सिनेमा में किंग ऑफ रोमांस के नाम से जाना जाता था। जेमिनी शादीशुदा होते हुए भी वह पुष्पावल्ली के करीब आते चले गए। जेमिनी पुष्पावल्ली को सब कुछ देने के लिए तैयार थे, सिवा अपने नाम के। पुष्पावल्ली शादी की चाहत से जेमिनी के पास आई थीं, लेकिन उनकी यह तमन्ना कभी पूरी नहीं हुई। दोनों के दो बच्चे हुए, जिनमें से एक भानुरेखा थीं, जो आज बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रेखा के नाम से जानी जाती हैं। बचपन में रेखा को पिता का प्यार नहीं मिला इसलिए वह उनसे काफी नफरत भी करती थीं।
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बीमारी के चलते हुआ निधन
पुष्पावल्ली बिन ब्याही मां बनी थीं। मां बनने के बाद वह फिल्मों से दूर होती चली गईं और उनका करियर खत्म हो गया। रेखा जब 13 साल की हुईं तो पुष्पावल्ली ने उन्हें पढ़ाई छोड़कर काम करने के लिए कहा था। वो चाहती थीं कि रेखा एक्टिंग कर अपने परिवार का सहारा बने, ऐसे में अभिनेत्री ने 14 साल की उम्र में अपना करियर शुरू कर दिया था। वहीं, पुष्पावल्ली का 1991 में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। पुष्पावल्ली की मौत के बाद जब जेमिनी को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला तो उन्होंने रेखा से अवॉर्ड लेते हुए कहा था कि उन्हें खुशी है उन्होंने अपनी ‘बॉम्बे वाली बेटी’ के हाथों से सम्मान मिला है। हालांकि रेखा और जेमिनी के रिश्ते कभी भी ज्यादा अच्छे नहीं रहे। जेमिनी के निधन के बाद रेखा आखिरी बार उन्हें देखने भी नहीं गई थीं।
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