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जब 'प्यासा' के लिए गुरुदत्त कोठे पर दे आए थे नोटों की गड्डी, पढ़िए ये दिलचस्प किस्सा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: स्वाति सिंह
Updated Mon, 22 Mar 2021 03:37 PM IST
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Gurudutt
- फोटो : सोशल मीडिया
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जानें वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला...इस लाइन को सुनते ही जहन में गुरुदत्त की फिल्म 'प्यासा' का नाम है। 1957 में आई प्यासा में एक संघषर्शील कवि को खूबसूरती के साथ पेश किया गया था। फिल्म में लीड रोल में थे गुरुदत्त, वहीदा रहमान और माला सिन्हा। गुरु दत्त भारतीय सिनेमा के ऐसे दिग्गज अभिनेता और डायरेक्टर थे जो कि फिल्मों में खामोशी भरे सीन को भी लाइट और कैमरा की मदद से सफल बना देते थे।
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गुरुदत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशक अबरार अल्वी फिल्म प्यासा की कहानी लिख रहे थे, तो उनको फिल्म में एक संघर्षरत कवि की कहानी पर आधारित लिखना था जो देश की आजादी के बाद अपने काम को लोगों के बीच पॉपुलर बनाना चाहता है। फिल्म 'प्यासा' के शुरुआती दिनों में यह फैसला लिया गया था कि फिल्म की कहानी किसी कोठे पर आधारित होगी। लेकिन इसमें एक दिक्कत थी, गुरु दत्त कभी कोठे पर नहीं गए थे।
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गुरुदत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
इस फिल्म के लिए जब कोठे पर गए तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। यहां एक नाचने वाली लड़की तकरीबन सात महीनों की गर्भवती थी। फिर भी वहां मौजूद लोग उसे नचाए जा रहे थे। ये मंजर देख गुरु दत्त वहां से उठे और अपने दोस्तों से कहा, 'चलों यहां से।' जाते समय वो नोटों की गड्डी वहीं रखकर बाहर निकल आए। इन सबको देखने के बाद दत्त ने कहा कि उन्हें 'साहिर' के गाने के लिए चकले का सीन मिल गया और वो गाना था 'जिन्हें नाज है हिंद पर वो कहां है'।
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गुरुदत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
कहा जाता है कि गुरु दत्त को मुस्लिम दर्शकों की पसंद-नापसंद का पूरा ख्याल था। उन्हें इस बात का इल्म था कि मुस्लिम दर्शक को कोई फिल्म पसंद आ जाए तो वो उसे बार-बार देखने जाते हैं। बस उनकी इसी पसंद का ख्याल रखते हुए दत्त नें 'चौदहवीं का चांद' फिल्म बनाई थी।
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गुरुदत्त-गीता दत्त
- फोटो : सोशल मीडिया
गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त फिल्म प्यासा में कई तरह के बदलाव करना चाहती थीं पर अंत तक गुरुदत्त ने फिल्म की कहानी में किसी भी तरह के बदलाव पर सहमति नहीं भरी और फिर फिल्म प्यासा वैसी ही बनी जैसा गुरुदत्त चाहते थे, लेकिन उन्होंने फिल्म में अभिनेता के चयन पर पत्नी गीता की बात का जरूर माना, गीता चाहती थीं कि फिल्म में अभिनेता रोल गुरुदत्त खुद करें।
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