{"_id":"5bb9ea69867a556a3602211f","slug":"raaj-kumar-popular-and-famous-dialogues-on-his-birthday","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'हम कुत्तों से बात नहीं करते', पढ़िए सदाबहार एक्टर राज कुमार के 10 शानदार डायलॉग्स","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'हम कुत्तों से बात नहीं करते', पढ़िए सदाबहार एक्टर राज कुमार के 10 शानदार डायलॉग्स
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 07 Oct 2018 05:37 PM IST
विज्ञापन
raajkumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्मी दुनिया के सरताज अभिनेता राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। राजकुमार की मशहूर फिल्मों में 'पाकीजा', 'वक्त', 'सौदागर' जैसी फिल्में हैं। जानी...हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, पर बंदूक भी हमारी होगी और गोली भी हमारी होगी और वह वक्त भी हमारा होगा... इस डायलॉग को सुनते ही आपके जहन में राजकुमार शानदार डायलॉग्स याद आ जाते होंगे। पढ़िए राजकुमार के वो सुपरहिट डायलॉग जो हिंदी सिनेमा में हमेशा के लिए अमर हो गए।
Raj Kumar
जिसके दालान में चंदन का ताड़ होगा वहां तो सांपों का आना-जाना लगा ही रहेगा।– बेताज बादशाह
बाजार के किसी सड़क छाप दर्जी को बुलाकर उसे अपने कफन का नाप दे दो।- मरते दम तक
बाजार के किसी सड़क छाप दर्जी को बुलाकर उसे अपने कफन का नाप दे दो।- मरते दम तक
Raj Kumar
जानी...हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, पर बंदूक भी हमारी होगी और गोली भी हमारी होगी और वह वक्त भी हमारा होगा। - सौदागर
हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते। हम आंखें ही चुरा लेते हैं।- तिरंगा
हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते। हम आंखें ही चुरा लेते हैं।- तिरंगा
विज्ञापन
विज्ञापन
राज कुमार
हमारी जुबान भी हमारी गोली की तरह है। दुश्मन से सीधी बात करती है। - 'तिरंगा'
हम कुत्तों से बात नहीं करते- मरते दम तक
हम कुत्तों से बात नहीं करते- मरते दम तक
विज्ञापन
एक फिल्म के सीन में राज कुमार
इस दुनिया के तुम पहले और आखिरी बदनसीब कमीने होगे, जिसकी न तो अर्थी उठेगी ओर न किसी के कंधे का सहारा, सीधे चिता जलेगी।- मरते दम तक
आजकल का इश्क जन्मों का रोग नही है, वक्ती नशा है, शाम को होता है, सुबह उतर जाता है।- बेताज बादशाह
आजकल का इश्क जन्मों का रोग नही है, वक्ती नशा है, शाम को होता है, सुबह उतर जाता है।- बेताज बादशाह