अभिनेत्री कंगना रनौत के एक बयान पर लेखक राहुल पंडिता ने आपत्ति जाहिर की है। राहुल का कहना है कि कंगना अपने ऑफिस की सिर्फ एक दीवार गिराए जाने से कश्मीरी पंडितों का दर्द नहीं समझ सकतीं। कंगना के बयान पर आपत्ति जताते हुए राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे माफ करना लेकिन मात्र एक दीवार के गिराए जाने से आपको कश्मीरी पंडितों के दर्द का अंदाजा नहीं हो सकता।'
'शिकारा' के राइटर ने खोला कंगना रनौत के खिलाफ नया मोर्चा, कहा- 'सियासत में हमारा नाम न घसीटें'
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राहुल पंडिता ने आगे लिखा, 'आप नहीं जानतीं कि कैसा लगता है जब तीन दिन के अंदर ही किसी इंसान के बाल सफेद हो जाते हैं। आपको अंदाजा नहीं लग सकता कि घरों से निकाले जाने के बाद किस तरह बूढ़े लोगों ने अपना दम तोड़ दिया और वह अपने घरों के लिए बेबस बिलखते रह गए।'
राहुल सिर्फ यही नहीं रही रुके। उन्होंने अपने एक और पोस्ट में लिखा, 'भगवान के लिए अपने फायदे के लिए हमारा नाम लेना बंद करें। हम आपकी इस लड़ाई में प्यादे बनने के लिए तैयार नहीं हैं। हमारी त्रासदी बहुत बड़ी थी इसलिए उसे छोटा करने की कोशिश न करें। कल को अगर आपकी उंगली कहीं से चोटिल हो जाती है तो आप क्या कहेंगी? मैं कश्मीरी पंडितों का दर्द समझती हूं।'
I am sorry, but from the demolition of a wall you cannot understand the pain of Kashmiri Pandits. You do not know how it is when all your hair turns white in three days; you do not know how it is when old people die in exile, crying about their inability to see home one last time
— Rahul Pandita (@rahulpandita) September 9, 2020
कंगना रनौत के ऑफिस पर बुधवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कार्रवाई करते हुए उसका कुछ हिस्सा तोड़ दिया है। इस घटना से आहत होकर कंगना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा किया। कंगना ने अपने संदेश में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और फिल्म माफिया को ललकारते हुए कहा है कि पहले वह सिर्फ अयोध्या में बन रहे राम मंदिर पर ही फिल्म बनाने वाली थीं। लेकिन, अब वह कश्मीरी पंडितों पर भी एक फिल्म बनाएंगी।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब उनकी ऑफिस की दीवार का ढहाई गई तब उन्हें अंदाजा हुआ कि उस वक्त कश्मीरी पंडितों पर क्या गुजरी होगी जब उन्हें अपने घर से निकाला गया। राहुल का यह बयान इस वीडियो संदेश के बाद ही आया है। राहुल पंडिता को विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 'शिकारा- द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स' के लेखक के रूप में जाना जाता है।
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