{"_id":"5cf2600ebdec2207334c4dac","slug":"raj-kapoor-death-anniversary-and-his-fight-with-son-rajiv-kapoor","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस कारण छोटे बेटे से ताउम्र नाराज रहे राज कपूर, अंतिम संस्कार में भी कम नहीं हुई दूरी","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
इस कारण छोटे बेटे से ताउम्र नाराज रहे राज कपूर, अंतिम संस्कार में भी कम नहीं हुई दूरी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Sun, 02 Jun 2019 07:07 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
Raj Kapoor
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शो मैन के नाम से मशहूर राज कपूर का जन्म पाकिस्तान के पेशावर में 14 दिसंबर 1924 को हुआ था। 1930 में उनके पिता पृथ्वीराज कपूर थियेटर में काम करने के चलते मुंबई पहुंचे। 2 जून 1988 को राज कपूर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। क्या आपको पता है कि एक फिल्म को लेकर राज कपूर और उनके छोटे बेटे राजीव कपूर के बीच अनबन हो गई थी? राज कपूर की डेथ एनिवर्सरी पर बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...
2 of 6
rajiv kapoor
मधु जैन की किताब 'द कपूर्स' के मुताबिक, राज कपूर ने अपने सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर को 'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म से लांच किया। फिल्म तो हिट रही लेकिन राजीव कपूर की वजह से नहीं बल्कि झरने के नीचे नहाती हुई मंदाकिनी की वजह से।
3 of 6
Ram Teri Ganga Maili
- फोटो : social media
जहां एक ओर फिल्म चर्चित होती जा रही थी वहीं इस फिल्म के हीरो राजीव कपूर की अपने पिता से नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इस फिल्म के बाद राजीव कपूर और राज कपूर में अनबन की नौबत तक बन गई। 'राम तेरी गंगा मैली' सिर्फ राज कपूर और मंदाकिनी के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई। राजीव कपूर को इस फिल्म के हिट होने का कोई फायदा नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
मंदाकिनी अभिनेत्री
एक फिल्म के बाद से ही मंदाकिनी रातों-रात स्टार बन गईं लेकिन राजीव कपूर वहीं के वहीं रह गए। राजीव कपूर का मानना था इसके लिए राज कपूर जिम्मेदार हैं। दरअसल राजीव कपूर चाहते थे कि राज कपूर 'राम तेरी गंगा मैली' के बाद उनके लिए एक और फिल्म बनाएं। वो उन्हें उस फिल्म में एक नायक की तरह प्रोजेक्ट करें ताकि स्टार होने का जो फायदा मंदाकिनी को मिला था वो अब उन्हें इस फिल्म में मिले।
विज्ञापन
5 of 6
raj kapoor and krishna kapoor
राजीव कपूर के चाहने के बावजूद राज कपूर ने ऐसा नहीं किया और राजीव को राज कपूर ने एक असिस्टेंट के तौर पर रखा। वो उनसे यूनिट का वह सारा काम कराते जो एक स्पॉटब्वॉय और असिस्टेंट करता था। 'राम तेरी गंगा मैली' के बाद राजीव कपूर 'लवर ब्वॉय', 'अंगारे', 'जलजला', 'शुक्रिया', 'हम तो चले परदेस' जैसी फिल्मों में दिखे तो पर उनकी फिल्में चली नहीं। ये फिल्में आरके बैनर की नहीं थीं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।